नई दिल्ली (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपने सहयोगी दलों के साथ एकजुटता का बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी अपने पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर को प्रधानमंत्री के साथ प्रमुखता से प्रस्तुत करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी लंबे समय से ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ यानी पीडीए फार्मूले के जरिए सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास कर रही है। ऐसे में एनडीए भी अपने सहयोगी दलों के प्रभावशाली नेताओं को आगे कर इस रणनीति का जवाब देने की तैयारी में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर निषाद और राजभर समुदाय का प्रभाव माना जाता है। ऐसे में इन समुदायों के प्रमुख नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर महत्व देकर एनडीए यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि गठबंधन में सभी सहयोगी दलों को सम्मानजनक भागीदारी दी जा रही है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस राजनीतिक संदेश को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुबोध/१०-०६-२०२६