चित्रकूट (ईएमएस)। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने शिष्य रहे आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और असत्य बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ रची जा रही साजिश का सच सामने लाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यह विवाद उस समय चर्चा में आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने सार्वजनिक रूप से कई गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। रामभद्राचार्य ने कहा कि उनके जीवन का अधिकांश समय धर्म, शिक्षा और समाज सेवा के कार्यों में बीता है तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे संबंधित जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस आधार के लगाए जा रहे आरोपों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। रामभद्राचार्य ने भरोसा जताया कि निष्पक्ष जांच होने पर पूरे मामले का सच देश के सामने आ जाएगा। उन्होंने अपने समर्थकों और अनुयायियों से भी संयम बनाए रखने की अपील की। इस बीच, मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी अपने आरोपों पर कायम हैं, जबकि रामभद्राचार्य ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं और जांच किस दिशा में बढ़ती है। सुबोध/१०-०६-२०२६