तेहरान (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा होर्मुज जल डमरू मध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर प्रति बैरल एक डॉलर का टोल लगाने की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल इस जलमार्ग से प्रतिदिन करोड़ों बैरल कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। विशेषज्ञों का मानना है, यदि ऐसा कदम लागू होता है. तो ईरान को तेल निर्यात से मिलने वाली आय के अतिरिक्त भारी राजस्व प्राप्त हो सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या और तेल की मात्रा को देखते हुए टोल से होने वाली कमाई, प्रत्यक्ष तेल व्यापार से अधिक हो सकती है। इस तरह के किसी भी निर्णय का वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल कीमतों और समुद्री व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे ईरान की आर्थिक रणनीति मान रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है, इससे भविष्य में वैश्विक व्यापार मार्गों पर नए विवाद खड़े हो सकते हैं। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं। एसजे/ 14 जून /2026