क्षेत्रीय
14-Jun-2026
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- फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे लाखों की ठगी - एपीके फाइल भेजकर उड़ाते थे मोटी रकम देवघर (ईएमएस)। झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सारठ थाना क्षेत्र के पथरड्डा ओपी अंतर्गत सुरा-सुरा जंगल में छापेमारी कर तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी जंगल में छिपकर लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय सिराजुद्दीन अंसारी, 22 वर्षीय चंदन कुमार दास और 23 वर्षीय निलोय कुमार दास के रूप में हुई है। तीनों देवघर जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से सात मोबाइल फोन और सात सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी खुद को फ्लिपकार्ट, अमेजन, एयरटेल बैंकिंग, गूगल पे और फोन पे जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का कस्टमर केयर प्रतिनिधि या बैंक अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद वे बैंक खाते, एटीएम कार्ड और यूपीआई से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर खातों से रकम उड़ा लेते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह ठगी के लिए फर्जी एपीके फाइलों का भी इस्तेमाल करता था। आरोपी पीएम किसान सम्मान निधि, बिजली बिल भुगतान या आरटीओ चालान निपटाने के नाम पर लोगों को व्हाट्सएप और मैसेज के जरिए संदिग्ध लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक या फाइल को डाउनलोड करता, उसका मोबाइल हैक हो जाता और अपराधी फोन का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। देवघर पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में सक्रिय साइबर अपराध सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी सफलता है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी न दें और किसी संदिग्ध लिंक या ऐप को डाउनलोड करने से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। - ईएमएस 14 जून 2026