- पुरुषों की कतार में घिसटने को मजबूर महिला यात्री बंद पड़ी एटीवीएम मशीनें और सिंगल खिडक़ी के भरोसे हजारों मुसाफिर - टिकट के लिए मची भारी धक्कामुक्की गुना (ईएमएस)। गुना रेलवे स्टेशन पर इन दिनों रेल प्रशासन की घोर लापरवाही और कुप्रबंधन के चलते यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में टिकट काउंटर पर यात्रियों को घंटों जद्दोजहद करनी पड़ रही है। स्टेशन पर कहने को तो दो-दो टिकट खिड़कियां बनाई गई हैं, लेकिन अमले की मनमानी के कारण महज एक ही खिडक़ी चालू रखी जा रही है। हद तो यह है कि जो ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें यात्रियों की सुविधा के लिए लाखों रुपये फूंककर लगाई गई थीं, वे भी वर्तमान में कबाड़ होकर बंद पड़ी हैं। नतीजा यह है कि हर दिन हजारों यात्री सिर्फ एक टिकट के लिए आपस में भिडऩे को मजबूर हैं। सबसे बदतर और शर्मनाक स्थिति सुबह 10 से 11 बजे के बीच बनती है, जब एक साथ तीन-चार प्रमुख ट्रेनों का स्टेशन पर आना-जाना होता है। इस दौरान जनरल टिकट लेने के लिए काउंटर पर चींटियों की तरह लंबी कतारें लग जाती हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए कोई अलग व्यवस्था न होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों को उठानी पड़ रही है। मजबूरन महिलाओं को पुरुषों की भीड़ के बीच धक्कामुक्की का शिकार होना पड़ रहा है, जिससे स्टेशन परिसर में आए दिन अफरा-तफरी और विवाद का माहौल निर्मित हो जाता है। इस अव्यवस्था को लेकर आज स्टेशन पर मौजूद महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित महिला यात्रियों ने रेल प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि जब स्टेशन पर पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और खिड़कियां मौजूद हैं, तो यात्रियों को परेशान करने के लिए जानबूझकर दूसरी खिडक़ी बंद क्यों रखी जाती है? एक साथ कई ट्रेनें आने पर भगदड़ जैसे हालात बन जाते हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। - सीताराम नाटानी