ह्यूस्टन (ईएमएस)। पुर्तगाल के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी टीम से कहा है कि उसे फीफा विश्वकप खिताब जीतने की चिन्ता छोड़कर बेहतर शुरुआत पर ध्यान देना चाहिये। रोनाल्डो के अनुसार बेहतर शुरुआत होने से ही टीम को खिताबी जीत मिलने की संभावना रहेगी। पुर्तगाल की टीम विश्वकप में अपने अभियान की शुरुआत 17 जून को कांगो के खिलाफ मैच से करेगी है। उन्होंने खिलाड़ियों से खिताब जीतने के शुरुआती दबाव को भूलकर टूर्नामेंट में एक मजबूत और सकारात्मक शुरुआत पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। रोनाल्डो ने स्पष्ट किया कि बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने से पहले, हर मैच को एक-एक करके खेलना और धीरे-धीरे अपनी रणनीति को अमल में लाने पर ही विश्व कप जैसे कठिन मुकाबले में सफलता मिल सकती है एक प्रकार से देखा जाये तो ये जीत की कुंजी होगी। पुर्तगाल अपना पहला ग्रुप मैच गौतरलब हैकि 48 शीर्ष टीमों के इस विशाल टूर्नामेंट में रोनाल्डो के कारण ही पुर्तगाल को स्वाभाविक रूप से एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। 41 वर्षीय रोनाल्डो, जो इतिहास रचते हुए अपना छठा विश्व कप खेलने जा रहे हैं, इस मामले में अर्जेंटीना के अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी लियोनेल मेसी के साथ सर्वाधिक विश्व कप खेलने का रिकॉर्ड साझा करेंगे। अपने अपार अनुभव और असाधारण नेतृत्व क्षमता के साथ, रोनाल्डो अच्छी तरह जानते हैं कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किस तरह की मानसिकता की आवश्यकता होती है। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, अच्छी शुरुआत करना, पहले और दूसरे मैच में अच्छा प्रदर्शन करना और फिर ग्रुप में पहले स्थान पर रहना जरुरी है। उन्होंने कहा, इसके बाद हम केवल एक मैच पर ध्यान केंद्रित करेंगे। हमें धीरे-धीरे आगे बढ़ना होगा। अच्छी शुरुआत सबसे महत्वपूर्ण है। यह रवैया टीम को हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और अनावश्यक दबाव से बचने में मदद करेगा। पुर्तगाल की टीम ग्रुप के में है और अपना पहला मैच बुधवार को ह्यूस्टन के स्टेडियम में कांगो के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद, वे 23 जून को ह्यूस्टन में ही उज्बेकिस्तान से भिड़ेंगे। ग्रुप चरण का उनका अंतिम और निर्णायक मैच 27 जून को मियामी में कोलंबिया के खिलाफ होगा, जो टूर्नामेंट में उनकी आगे की यात्रा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। रोनाल्डो ने अपनी टीम को केवल तकनीकी कौशल पर ही नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक तैयारी पर भी जोर देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ जब मुकाबला कड़ा हो जाएगा और मनोवैज्ञानिक और शारीरिक थकान अपना असर दिखाने लगेगी, तभी पता चलेगा कि असली चैंपियन कौन हैं। उनका यह बयान दर्शाता है कि विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित और लंबे टूर्नामेंट में निरंतरता और मानसिक दृढ़ता कितनी मायने रखती है। गिरजा/ईएमएस 15जून 2026