लंदन (ईएमएस)। इस माह के अंत में शुरु हो रहे विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को पहले से अधिक इनामी राशि मिलेगी। पिछले कुछ समय से खिलाड़ियों ने राजस्व में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया था जिसके बाद ही विंबलडन ने अपनी कुल इनामी राशि में 20 फीसदी वृद्धि की घोषणा की। इस प्रतिष्ठित ग्रास कोर्ट ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट के एकल चैंपियन को अब पिछली बार की जगह पर रिकॉर्ड 36 लाख पाउंड (लगभग 48 लाख डॉलर) मिलेंगे, जो कि प्रतियोगिता के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी विजेता राशि है। ऑल इंग्लैंड क्लब की अध्यक्ष, डेबोरा जेवन्स ने कहा है कि खिलाड़ियों की मांग के बाद दैनिक भत्ते सहित कुल इनामी राशि छह करोड़ 42 लाख पाउंड (लगभग आठ करोड़ 58 लाख डॉलर) तक पहुंच जाएगी। यह महत्वपूर्ण बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब टेनिस खिलाड़ी लंबे समय से चार ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों से होने वाली भारी कमाई में अपनी अधिक हिस्सेदारी की मांग कर रहे थे। हाल के महीनों में, इस मुद्दे पर खिलाड़ियों ने सामूहिक कार्रवाई की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू किये थे। फ्रेंच ओपन से ठीक पहले, दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने तो यहां तक कहा था कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो खिलाड़ियों को किसी न किसी स्तर पर टूर्नामेंटों का बहिष्कार करना चाहिए। इसके अलावा पुरुषों के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर, अमेरिकी स्टार कोको गॉफ और कई अन्य शीर्ष खिलाड़ियों ने भी सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थीहै। खिलाड़ियों की एकजुटता का एक और उदाहरण रोलां गैरो (फ्रेंच ओपन) पर देखने को मिला, जहां टूर्नामेंट से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शीर्ष 10 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से होने वाली कमाई में अपने हिस्से को लेकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के लिए पत्रकारों के साथ अपने सत्र को केवल 15 मिनट तक सीमित रखा। यह कदम स्पष्ट रूप से आयोजकों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया था। इसी का परिणाम अब सामने आया है। गिरजा/ईएमएस 15जून 2026