लंदन,(ईएमएस)। ब्रिटिश सेना ने इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर रूस के शैडो फ्लीट से जुड़े संदिग्ध तेल टैंकर स्मर्टोस पर तड़के धावा बोला। कैमरून का झंडा लगे जहाज को रॉयल मरीन कमांडो और नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) ने छह घंटे के ऑपरेशन के बाद कब्जे में ले लिया। स्मर्टोस को ब्रिटिश समुद्री सीमा में रोककर लंगर डालने के स्थान पर ले जाया जा रहा है। इस कार्रवाई ने भारत की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि जहाज के क्रू में 22 भारतीय नाविक शामिल थे। यह टैंकर रूस के उस्त-लुगा से मिस्र के पोर्ट सईद जा रहा था। एनसीए अधिकारियों ने प्रतिबंधों के उल्लंघन के संदेह में 38 वर्षीय एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया है। बाकी क्रू सदस्य जहाज पर ही हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं। यूके के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जांच पूरी होने तक जहाज को इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास रोककर निगरानी में रखा जाएगा। यह ब्रिटिश सेना द्वारा अपनी तरह का पहला ऑपरेशन है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सफल ऑपरेशन बताकर कहा कि रूस को बड़ा झटका लगा है और वे यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन का समर्थन करने वालों को छिपने नहीं देने वाले है। जारी किए गए वीडियो फुटेज में सशस्त्र कमांडो को हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे जहाज पर उतरते और अंदर तलाशी लेते देखा जा सकता है। इस अभियान में कई हेलीकॉप्टर, समुद्री गश्ती विमान और नौसेना के जहाजों ने हिस्सा लिया। ब्रिटेन का आरोप है कि स्मर्टोस रूस के शैडो फ्लीट का हिस्सा है। इस फ्लीट का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हुए रूसी तेल और गैस की ढुलाई कर यूक्रेन के खिलाफ मॉस्को के युद्ध को वित्तीय सहायता देने के लिए होता है। अनुमान है कि इसतरह के लगभग 700 पुराने तेल टैंकर हैं, जिनके मालिकाना हक और झंडे अक्सर संदिग्ध होते हैं। ब्रिटिश सरकार का दावा है कि रूस के प्रतिबंधित तेल की लगभग 75 प्रतिशत ढुलाई के लिए यही शैडो फ्लीट जिम्मेदार है, और यूके ने इसतरह के 600 जहाजों पर प्रतिबंध लगाया है। रूस ने हालांकि इस कार्रवाई पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पहले ऐसी कार्रवाइयों को समुद्री डकैती बता चुका है। आशीष दुबे / 15 जून 2026