खुले में बैठने को मजबूर बच्चे और गर्भवती महिलाएं ग्राम पंचायत पिंडरई का मामला। नारायणगंज (ईएमएस)। जनपद पंचायत नारायणगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत पिंडरई के पोषक ग्राम सहजपुरी, वार्ड क्रमांक 9-10 में वर्ष 2024 में लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये की लागत से स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्य दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण एजेंसी द्वारा केवल भवन की दीवारें खड़ी कर कार्य को बीच में ही छोड़ दिया गया, जिसके कारण आज तक भवन उपयोग के लिए तैयार नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की स्वीकृत राशि के बावजूद निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है। भवन में न तो छत डाली गई है और न ही दरवाजे एवं खिड़कियां लगाई गई हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन असुरक्षित एवं जर्जर स्थान पर करने की मजबूरी बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी केंद्र में आने वाले 30 से अधिक छोटे बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बारिश, तेज धूप एवं अन्य मौसमीय परिस्थितियों के बीच उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी महिला एवं बाल विकास योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है। भवन के अभाव में बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार वितरण, टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां भी नियमित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब निर्माण कार्य के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए गए थे तो आखिर दो वर्षों बाद भी भवन अधूरा क्यों है? निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक कार्य पूर्ण कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे शासन की छवि भी धूमिल हो रही है तथा ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो वे जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब देखना यह होगा कि करोड़ों की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के बीच सहजपुरी के मासूम बच्चों को कब तक पक्की छत नसीब हो पाती है और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाते हैं। ईएमएस/मोहने/ 15 जून 2026