मंडला (ईएमएस)। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा व्यापक जल गुणवत्ता परीक्षण एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के निर्देश एवं विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जल स्त्रोतों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंप ऑपरेटरों एवं ग्रामीण नागरिकों को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण उपरांत प्रत्येक ग्राम पंचायत को एक-एक फील्ड टेस्ट किट वितरित की जा रही है, जिससे ग्राम स्तर पर पेयजल स्त्रोतों की नियमित जांच की जा सके। विभाग द्वारा उपखंड मवई, नारायणगंज, नैनपुर, मंडला एवं निवास में संचालित जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में भी नियमित रूप से जल नमूनों की जांच की जा रही है। परीक्षण के आधार पर जल गुणवत्ता का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। वर्षा ऋतु में जल स्त्रोतों के दूषित होने की संभावना को देखते हुए विभाग ने बारिश से पहले और बाद में विशेष जल गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था की है। इसके साथ ही विशेष टीमों द्वारा विभिन्न ग्रामों और पेयजल स्त्रोतों का नियमित क्लोरीनीकरण भी कराया जा रहा है, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। जनजागरूकता अभियान के तहत ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से बचाव, पानी को उबालकर अथवा शुद्ध कर उपयोग करने तथा स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। विभाग का यह अभियान जलजनित रोगों की रोकथाम, जल गुणवत्ता की सतत निगरानी एवं प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। जिलेभर में निरंतर मॉनिटरिंग एवं आवश्यक कार्यवाही के माध्यम से गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। ईएमएस/मोहने/ 15 जून 2026