क्षेत्रीय
15-Jun-2026


अंबरनाथ, (ईएमएस)। ठाणे जिले के प्रमुख जलस्रोतों में शामिल एमआईडीसी के बारवी बांध और अंबरनाथ नगर परिषद के स्वामित्व वाले चिखलोली बांध में जल भंडारण चिंताजनक स्तर तक घट जाने के कारण प्रशासन ने पानी कटौती को और सख्त करने का निर्णय लिया है। पहले सप्ताह में एक दिन लागू की गई पानी कटौती को अब 15 जून से बढ़ाकर दो दिन कर दिया गया है। इस फैसले से अंबरनाथ पूर्व क्षेत्र सहित कई इलाकों में पानी संकट गहरा गया है और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, जून का आधा महीना बीत जाने के बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है। लगातार बढ़ते तापमान और जल के अत्यधिक वाष्पीकरण के कारण बांधों में पानी का स्तर तेजी से कम हुआ है। वर्तमान में बारवी बांध में केवल 85.50 मिलियन घनमीटर पानी शेष है, जो इसकी कुल क्षमता का मात्र 25.33 प्रतिशत है। उपलब्ध जल भंडारण मौजूदा स्थिति में केवल 80 दिनों की आवश्यकता पूरी कर सकता है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जलसाठे में लगभग 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बारवी बांध की कुल जल भंडारण क्षमता 338.84 मिलियन घनमीटर है और इसी बांध से कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर, अंबरनाथ, बदलापुर, भिवंडी, ठाणे और मीरा-भाईंदर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ एमआईडीसी क्षेत्र के उद्योगों को पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में जलसाठे में आई कमी का असर लाखों लोगों और औद्योगिक इकाइयों पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, अंबरनाथ पूर्व क्षेत्र को प्रतिदिन लगभग 6 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी उपलब्ध कराने वाले चिखलोली बांध की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। बांध की ऊंचाई बढ़ाने की परियोजना लंबे समय से अधर में लटकी हुई है। जलसाठे का संतुलित उपयोग करने के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने पहले 29 मई से प्रत्येक शुक्रवार पानी आपूर्ति बंद रखने का निर्णय लिया था। लेकिन वर्षा नहीं होने और जलसंकट बढ़ने के कारण अब अतिरिक्त कटौती लागू करनी पड़ी है। नई व्यवस्था के तहत अंबरनाथ पूर्व के जागृति गली, वडवली, मोरिवलीपाड़ा, ग्रीन सिटी, मंगलमूर्ति कॉम्प्लेक्स, बी-केबिन रोड, एमआईडीसी परिसर, नवरेनगर के कुछ हिस्से, महालक्ष्मी नगर और आंबेडकर नगर जैसे क्षेत्रों में पानी की कमी का सबसे अधिक प्रभाव दिखाई देगा। दो दिन पानी बंद रहने के कारण तीसरे दिन भी पर्याप्त दबाव से पानी मिलने की संभावना कम बताई जा रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता मिलिंद देशपांडे के अनुसार, अंबरनाथ पूर्व के नवरेनगर स्थित जलकुंभ से चिखलोली बांध का पानी वडवली सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में एक दिन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके। वर्तमान में शहर को उल्हास नदी बैरेज से 56 मिलियन लीटर, एमआईडीसी से 22 मिलियन लीटर और चिखलोली बांध से 6 मिलियन लीटर, कुल मिलाकर 84 मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की जाती है। हालांकि जलसाठे में लगातार हो रही कमी को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से पानी का अत्यंत सावधानी और मितव्ययिता से उपयोग करने तथा किसी भी प्रकार की बर्बादी से बचने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। संतोष झा- १५ जून/२०२६/ईएमएस