- साउंडबॉक्स का किराया माफ कराने का झांसा - मोबाइल फोन की सेटिंग्स अपडेट कराने के बहाने उसे अपना फोन सौंपा था - दुकान पर भीड़ बढ़ते ही कारोबारी का मोबाइल उड़ाया बेंगलुरु (ईएमएस)। सोशल मीडिया और डिजिटल पेमेंट के इस दौर में साइबर ठग मासूम दुकानदारों को निशाना बनाने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला बेंगलुरु के राजाजीनगर इलाके से सामने आया है, जहाँ खुद को पेटीएम का प्रतिनिधि बताने वाले एक शातिर ठग ने एक जूस दुकान संचालक का मोबाइल फोन लेकर उसके बैंक खाते से 81 हजार रुपये साफ कर दिए। पीड़ित की पहचान 56 वर्षीय रमेश एस.आर. के रूप में हुई है, जो राजाजीनगर द्वितीय ब्लॉक में जूस की दुकान चलाते हैं। पुलिस के अनुसार, यह वारदात शाम के समय हुई जब दुकान पर ग्राहकों की काफी चहल-पहल थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति रमेश की दुकान पर पहुंचा और खुद को पेटीएम का आधिकारिक कर्मचारी बताया। उसने रमेश को झांसा देते हुए कहा कि वह एक नई स्कीम के तहत उनकी दुकान में लगे पेटीएम साउंडबॉक्स का मासिक किराया हमेशा के लिए बंद करवा सकता है, जिसके बाद यह सेवा उनके लिए जीवनभर मुफ्त हो जाएगी। ठग की बातों में आकर रमेश ने अपने मोबाइल फोन की सेटिंग्स अपडेट कराने के बहाने उसे अपना फोन सौंप दिया। इसी बीच दुकान पर जूस पीने वाले ग्राहकों की भीड़ अचानक बढ़ गई और रमेश उनके ऑर्डर पूरा करने में व्यस्त हो गए। दुकानदार को काम में मशगूल देखकर शातिर ठग ने उनके अनलॉक मोबाइल फोन का फायदा उठाया और उसमें मौजूद वित्तीय व बैंकिंग ऐप्स को एक्सेस कर लिया। आरोपी ने महज कुछ ही मिनटों के भीतर दो अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (लेन-देन) के जरिए रमेश के खाते से कुल 81 हजार रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद उसने बड़ी चालाकी से मोबाइल फोन काउंटर पर वापस रखा और तुरंत मौके से रफूचक्कर हो गया। काम से फुर्सत मिलने के बाद जब रमेश ने अपना फोन देखा और बैंक से पैसे कटने के मैसेज पढ़े, तब जाकर उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दुकान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपी की तलाश कर रही है। इस घटना के बाद पुलिस ने सभी छोटे-बड़े व्यापारियों और आम नागरिकों को कड़ी हिदायत दी है कि वे कंपनी का प्रतिनिधि बनकर आने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी को भी अपना अनलॉक मोबाइल फोन या बैंकिंग डिटेल्स देना भारी पड़ सकता है, इसलिए कोई भी बदलाव करने से पहले संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक आईडी कार्ड की जांच जरूर करें। - ईएमएस 16 जून 2026