रायगढ़(ईएमएस)। जिले के हाट-बाजारों में लगातार हो रही चेन स्नेचिंग की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक संगठित परिवार आधारित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सभी छह सदस्य एक ही परिवार से जुड़े हुए हैं, जो साप्ताहिक बाजारों में महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम देते थे। मामला लैलूंगा साप्ताहिक हाट-बाजार का है, जहां सेवानिवृत्त शिक्षिका मरियम टोप्पो (67) के गले से सोने की चेन झपट ली गई थी। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। संदेह के आधार पर एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र से आया था। आरोपी इको वाहन में सवार होकर लैलूंगा पहुंचे थे और बाजार में अलग-अलग स्थानों पर फैलकर वारदात की योजना को अंजाम देते थे। गिरोह में पांच महिलाएं और एक पुरुष शामिल था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का तरीका बेहद संगठित था। कुछ सदस्य भीड़ में संभावित शिकार की पहचान करते थे, जबकि अन्य लोग वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार रहते थे। जैसे ही कोई महिला या बुजुर्ग भीड़ में अकेला या असहाय दिखाई देता, उसी क्षण चेन या पर्स झपट लिया जाता था। वारदात के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते और पहले से तय स्थान पर एकत्र होकर फरार हो जाते थे, जिससे उनकी पहचान और पकड़ मुश्किल हो जाती थी। पुलिस का कहना है कि इसी रणनीति के कारण यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 18 ग्राम वजनी सोने की चेन, घटना में प्रयुक्त इको वाहन और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंगरीता गिरी (पति करमसाय गिरी), दीपक गिरी, रीला गिरी, राजमोहनी, सोनम गिरी और उर्मिला गिरी के रूप में हुई है। सभी आरोपी बगाड़ी, राजपुर क्षेत्र, जिला बलरामपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह की अन्य वारदातों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, क्योंकि प्रारंभिक पूछताछ में कई और मामलों के सुराग मिलने की संभावना जताई गई है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)16 जून 2026