- हिमाचल का 13,800 फीट ऊंचा कठिन सर पास ट्रेक किया फतह - चौथी क्लास की छात्रा ने माइनस 5 डिग्री तापमान में पैदल नाप दिया 48 किमी लंबा ट्रेक हैदराबाद (ईएमएस)। जिस उम्र में बच्चे गर्मी की छुट्टियों में वीडियो गेम खेलने या कार्टून देखने में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में हैदराबाद की 9 वर्षीय बच्ची वी. सिरी अथाशा ने एक हैरतअंगेज कारनामा कर दिखाया है। चौथी कक्षा में पढ़ने वाली सिरी ने हिमाचल प्रदेश के बेहद कठिन और रोमांचक सर पास ट्रेक को सफलतापूर्वक पूरा कर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। सिरी ने समुद्र तल से 13,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित 48 किलोमीटर लंबे इस दुर्गम ट्रेक को पैदल चलकर पूरा किया। उनके परिवार का दावा है कि वह इस ट्रैकिंग रूट को फतह करने वाली देश की सबसे कम उम्र की पर्वतारोहियों में से एक बन गई हैं। इस ट्रेक की कठिनाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके कई हिस्सों में 80 डिग्री तक की बिल्कुल खड़ी चढ़ाई है और वहां का तापमान शून्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे (-5°C) तक गिर जाता है। अपनी इस कामयाबी पर सिरी ने बताया कि वह इस मिशन को लेकर बेहद उत्साहित थीं। इस चुनौती को पार करने के लिए उन्होंने पहले से ही नियमित जॉगिंग, स्विमिंग और कड़े व्यायाम के जरिए खुद को तैयार किया था। सिरी ने यह साहसिक अभियान ट्रेकिंग ग्रुप हैलो हाइकर्स के 23 सदस्यों के साथ पूरा किया। इस सफर की शुरुआत हिमाचल के कसोल से हुई थी। चौथे दिन सुबह 2 बजे टीम ने अपनी अंतिम चढ़ाई शुरू की और सुबह 7 बजे सर पास के शिखर पर तिरंगा फहरा दिया। ट्रेक लीडर ऋत्विक ठाकुर ने पुष्टि की कि सिरी ने बिना किसी मानवीय मदद के, अपने दम पर यह पूरा सफर तय किया है। इतनी कम उम्र में ऐसा जज्बा पहली बार देखने को मिला है। सिरी की मां नव्याश्री ने बताया कि बेटी को यह शौक परिवार से मिला है। इस ट्रेक से पहले सिरी ने कुल्लू में पूरे गियर के साथ पहाड़ी पर कड़ा अभ्यास किया था। सिरी इससे पहले भी शिंकुला पास, चंद्रखानी पास और स्पीति वैली जैसे मुश्किल ट्रेक कर चुकी हैं। अब उनका अगला लक्ष्य लद्दाख का उमलिंग ला पास और भविष्य में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करना है। रामयश/ईएमएस 16 जून 2026