- मानव तस्करी का सनसनीखेज खुलासा - दलालों ने निसंतान दंपती को 13 लाख में सौंपा; 6 गिरफ्तार तिरुपत्तूर (ईएमएस)। तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिला पुलिस ने मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के एक बेहद चौंकाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो महीने की मासूम बच्ची को सुरक्षित बचा लिया है। इस मामले में पुलिस ने बच्ची की माँ समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि भीख मांगकर गुजारा करने वाली एक महिला ने अपनी नवजात बेटी को महज 50 हजार रुपये में बेच दिया था, जिसके बाद दलालों के एक बड़े नेटवर्क ने उस बच्ची का सौदा एक संपन्न निसंतान दंपती से पूरे 13 लाख रुपये में कर डाला। पुलिस के मुताबिक, वेल्लोर जिले के पेरनामबट की रहने वाली एस. जबीना (35) अपने दिव्यांग पति शबीर (38) के साथ भीख मांगकर पेट पालती थी। दो महीने पहले जबीना ने एक बेटी को जन्म दिया। परिवार की भयंकर आर्थिक तंगी का फायदा उठाते हुए राशिद अहमद (50) नाम के एक राजमिस्त्री ने उसे पैसों का लालच देकर बच्ची को बेचने के लिए मना लिया। 20 मई को राशिद ने जबीना को 50 हजार रुपये कैश दिए और नवजात बच्ची को लेकर चला गया। कुछ दिनों बाद जब दिव्यांग पति ने बेटी के बारे में पूछा, तो जबीना बहाने बनाने लगी। पति के लगातार दबाव बनाने पर जबीना ने राशिद से पैसे वापस लेकर बच्ची लौटाने को कहा, लेकिन वह मुकर गया। थक-हारकर जबीना ने उमेराबाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आते ही तिरुपत्तूर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अक्षय अनिल वाखरे ने तुरंत जांच के आदेश दिए। वहीं, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुगाप्रिया ने भी मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो दलालों की एक लंबी चेन सामने आई। राशिद ने बच्ची को अपने ड्राइवर दोस्त पुगझेंधी (41) को दिया था। पुगझेंधी ने एक निजी अस्पताल के नेटवर्क का इस्तेमाल कर बच्ची को इरोड जिले की उमा महेश्वरी (42) तक पहुँचाया। इसके बाद उमा के रिश्तेदार और शादी के दलाल रमेश ने नमक्कल के एक अमीर निसंतान दंपती—सतीश कुमार (33) और हरिणी (27) से संपर्क किया, जिनकी शादी को 7 साल हो चुके थे। इस दंपती को बच्ची 13 लाख रुपये में बेच दी गई। ठोस सबूतों और कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने नमक्कल जिले के कोमारापालयम में छापेमारी की और मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्ची को खरीदने वाले दंपती, मुख्य आरोपी राशिद, पुगझेंधी और उमा महेश्वरी सहित छह लोगों को बाल तस्करी और अवैध खरीद-फरोख्त के आरोप में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और अस्पतालों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है। रामयश/ईएमएस 16 जून 2026