-रौशन आनंद ने खान सर और पुलिस पर लगाए आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग पटना,(ईएमएस)। बिहार में कोचिंग विवाद अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां राजनीति, पुलिस जांच और रहस्यमयी मौत एक-दूसरे से उलझती नजर आ रही हैं। ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। सोमवार को बेउर जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने अपने भाई के अंतिम संस्कार से पहले मीडिया के सामने खान सर पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों ने मिलकर मेरे भाई को मार दिया। मीडिया से बातचीत में रौशन ने कहा कि फैजल खान सुबह से शाम तक सिर्फ षड्यंत्र रचते हैं और उन्होंने पटना पुलिस को भी गुमराह कर रखा है। उन्होंने कहा कि पटना पुलिस उनका सहयोग कर रही है, मेरा नहीं। मेरे भाई की मौत को सामान्य घटना बताने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। उन्होंने कहा कि वह कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखते हैं और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे। मैं चाहता हूं कि मेरे भाई की मौत की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए। बता दें पूरे विवाद की जड़ में प्रिंस यादव की मौत है। प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। मौत कैसे हुई, इसके बारे में अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। नेपाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। होटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि अभी तक जांच एजेंसियों ने किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन जिस तरह प्रिंस यादव का नाम कुछ दिन पहले पटना में हुए कोचिंग विवाद में सामने आया था, उसके बाद उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे मामले को शक से भर दिया है। मामले में नया राजनीतिक मोड़ तब आया जब बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की। तेजस्वी ने सीएम सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। तेजस्वी यादव का कहना है कि राज्य सरकार और पुलिस की निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है। तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में बिहार पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच की दिशा और कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उसे तत्काल मामले को सीबीआई को सौंप देना चाहिए ताकि हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो सके। दूसरी ओर खान सर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रिंस यादव की मौत दुखद है, लेकिन उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है। खान सर का कहना है कि वह खुद चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच हो। उन्होंने जांच एजेंसियों से अपील की है कि वे तथ्यों और सबूतों के आधार पर सच्चाई सामने लाएं। पूरा मामला अब कुछ अहम सवालों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रिंस यादव की मौत आखिर कैसे हुई? घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे? नेपाल के होटल से क्या-क्या साक्ष्य मिले हैं? क्या मौत के पीछे कोई आपराधिक साजिश है या यह सिर्फ एक घटना? सिराज/ईएमएस 16जून26