क्षेत्रीय
16-Jun-2026
...


समाज के उत्थान और गरीब बच्चों के सपनों को पंख देने के लिए नव चेतना सेवा समिति का सराहनीय प्रयास ​सीहोर (ईएमएस) । समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही संस्था नव चेतना सेवा समिति द्वारा एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज की ऐसी प्रतिभावान विभूतियों को सम्मानित करना था, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से समाज और परिवार का नाम रोशन किया है। कार्यक्रम में उन सभी शासकीय सेवकों और सेवानिवृत्त अधिकारियों का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने अपनी सेवा के दौरान समाज को गौरवान्वित किया। ​नि:शुल्क कोचिंग और हाईटेक लाइब्रेरी का होगा निर्माण ​समिति के अध्यक्ष देवसिंह मालवीय ने बताया कि नव चेतना सेवा समिति की स्थापना वर्ष 2022 में हुई थी। तब से लेकर आज तक संस्था लगातार समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग प्रदान कर रही है। वर्तमान में लगभग 60 से अधिक बच्चे इस नि:शुल्क कोचिंग के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ​समिति ने अब एक और बड़ा कदम उठाते हुए खुद की हाईटेक लाइब्रेरी (भवन) के निर्माण का निर्णय लिया है। इसके लिए लगभग 23 लाख रुपये की लागत से जमीन का प्लॉट खरीदा जा चुका है, जहाँ 4000 स्क्वायर फीट क्षेत्र में आधुनिक सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण किया जा रहा है। ​इस हाईटेक लाइब्रेरी की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित होंगी: ​नि:शुल्क शिक्षा और आवास: यहाँ मध्य प्रदेश के हर कोने से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के रहने, खाने और पढ़ाई की पूरी व्यवस्था समिति द्वारा नि:शुल्क की जाएगी। ​उच्च स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी: इस लाइब्रेरी में रहकर छात्र आईआईटी (IIT), जेईई (JEE), आईएएस (IAS), यूपीएससी (UPSC) और पीसीएस (PCS) जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। ​संसाधनों का अभाव नहीं बनेगा बाधा: देवसिंह मालवीय ने स्पष्ट किया कि किसी भी बच्चे से कोई फीस नहीं ली जाएगी, ताकि धन के अभाव में किसी भी होनहार छात्र का सपना अधूरा न रहे। ​सामाजिक सहयोग और पारदर्शिता की अनूठी मिसाल ​इस पूरी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें लगभग 90% सहयोगी शासकीय सेवा में कार्यरत या सेवानिवृत्त लोग हैं, जो समाज सेवा की भावना से जुड़े हुए हैं। संस्था के मार्गदर्शक मंडल में यूनियन बैंक एसोसिएशन (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के पूर्व अध्यक्ष श्री बिहारीलाल मालवीय साहब और पूर्व एडिशनल कमिश्नर (आबकारी) श्री रामचंद्र सिंदोडिया साहब जैसे वरिष्ठ समाजजन शामिल हैं, जिनके मार्गदर्शन में यह पूरा कार्य संचालित हो रहा है। ​समिति ने पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक विशेष नियम भी निर्धारित किया है। इस नियम के तहत संगठन के किसी भी पदाधिकारी या कार्यकारिणी के सदस्यों के बच्चों को इस नि:शुल्क व्यवस्था का लाभ नहीं दिया जाएगा। यह पूरी व्यवस्था केवल और केवल समाज के उन जरूरतमंद, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए समर्पित है जिनके माता-पिता बड़े शहरों का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। ​समाज के अंतिम छोर तक शिक्षा पहुँचाना मुख्य लक्ष्य ​कार्यक्रम के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि नव चेतना का एकमात्र उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना और शिक्षा के क्षेत्र में उसकी निरंतर मदद करना है। यह संस्था निस्वार्थ भाव से मानव सेवा के संकल्प को आगे बढ़ा रही है और वर्ष 2022 से शुरू हुआ यह सेवा का कारवां लगातार आगे बढ़ता रहेगा। 16/06/26