16-Jun-2026
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:: नाबार्ड और एनएसएफडीसी के सहयोग से आईजीटीआर में 25 युवाओं ने सीखीं आधुनिक औद्योगिक तकनीकें :: इंदौर (ईएमएस)। युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से इंडो जर्मन टूल रूम (आईजीटीआर), इंदौर में संचालित 75 दिवसीय “सीएनसी मिलिंग (असिस्टेंट ऑपरेटर)” प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रायोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) को स्वीकृत किया गया था, जिसका संचालन आईजीटीआर ने किया। इस अवसर पर संस्थान परिसर में समापन समारोह आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक औद्योगिक तकनीकों से जोड़ना और बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना था। इस 75 दिवसीय विशेष सत्र में 25 युवाओं ने सीएनसी मिलिंग मशीन संचालन, तकनीकी ज्ञान और औद्योगिक कार्यप्रणाली की बारीकियों को बेहद व्यावहारिक तरीके से सीखा। आईजीटीआर प्रबंधन ने बताया कि प्रशिक्षित युवाओं को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संस्थान परिसर में जल्द ही एक विशेष प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन भी किया जाएगा। नाबार्ड और एनएसएफडीसी के सहयोग से संचालित यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। समापन समारोह में युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ उज्ज्वल भविष्य के लिए वित्तीय जागरूकता का पाठ भी पढ़ाया गया। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं जैसे पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई और एनपीएस की विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही युवाओं को भविष्य के लिए बचत की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। समारोह में अतिथि के रूप में एनएसएफडीसी के महाप्रबंधक रतिकान्त जेना, आईजीटीआर के महाप्रबंधक डी.वी. रौतेला और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक सुहास पत्रे उपस्थित थे। इनके साथ ही प्रशिक्षण विभाग प्रमुख विनीत कुमार गर्ग, एनएस बीघा, शैलेंद्र खरकाटे और पाठ्यक्रम समन्वयक डीपी महतो भी मौजूद रहे। प्रकाश/16 जून 2026