ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न ग्वालियर ( ईएमएस ) | ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के संबंध में क्षमतावर्धन जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिले के सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिये रणनीति बनाकर कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। भारत सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 में संशोधन कर 2026 लागू किया गया है। इसी के तहत जिला स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में अपर आयुक्त नगर निगम टी प्रतीक राव सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कार्यशाला में सभी अनुविभागीय अधिकारियों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बल्क वेस्ट जनरेटर की सूची तैयार करें। इन सभी का पंजीयन कराया जाए। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर बल्क वेस्ट जनरेटर की कार्यशाला भी आयोजित की जाकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाए। कलेक्टर ने जिले के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने नगरीय निकाय की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। इसके साथ ही नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिये बजट का प्रावधान भी निर्धारित करें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में कार्ययोजना तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की जाए। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के साथ ही बैठक कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में चर्चा करें और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्रवाई करें। जिले के सभी नगरीय निकायों में बेसलाइन सर्वेक्षण का कार्य भी किया जाए। नगरीय निकायों में ट्रेंचिंग ग्राउण्ड निर्धारण का कार्य भी किया जाए। अपर आयुक्त नगर निगम श्री टी प्रतीक राव ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम ग्वालियर के साथ-साथ जिले के सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कार्रवाई की जाना अपेक्षित की गई है। इसके लिये कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा नियमित समीक्षा कर जिले में किए जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग भी की जायेगी। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 में दिए गए दिशा-निर्देशों के संबंध में प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई।