राष्ट्रीय
16-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत, नेपाल और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे कालापानी-लिपुलेख सीमा विवाद को लेकर चीन ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने नेपाल को सलाह दी है कि वह इस विवाद का समाधान भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता के जरिए निकाले। चीन ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को मुख्य रूप से भारत और नेपाल के बीच का मामला मानता है। दरअसल, हाल के महीनों में लिपुलेख दर्रे को लेकर विवाद फिर चर्चा में आया है। नेपाल का दावा है कि कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्र उसके भूभाग का हिस्सा हैं। नेपाल ने इस संबंध में भारत और चीन दोनों को कूटनीतिक नोट भी भेजे हैं तथा किसी भी प्रकार की गतिविधि पर आपत्ति जताई है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब भारत और चीन ने लिपुलेख मार्ग के जरिए व्यापार और कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए। नेपाल ने इसे अपनी संप्रभुता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध दर्ज कराया। वहीं भारत का कहना है कि लिपुलेख मार्ग का उपयोग दशकों से व्यापार और तीर्थयात्रा के लिए होता रहा है और इस पर उसका रुख पहले से स्पष्ट है। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का यह बयान दक्षिण एशिया की कूटनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि बीजिंग इस संवेदनशील सीमा विवाद में प्रत्यक्ष पक्ष बनने से बचते हुए नेपाल और भारत को आपसी संवाद के जरिए समाधान निकालने की सलाह दे रहा है। सुबोध/१६ -०६-२०२६