मनुष्य की सबसे बड़ी विडंबना यही है कि वह इस जीवन को स्थायी मानकर चलने लगता है। वह सोचता
हाल ही में जयपुर के एसएमएस और उसके संबद्ध अस्पतालों में की गई रिसर्च में यह बात सामने
देश को धर्म युद्ध नहीं चाहिए। देश को न्याय और समता कायम करने के लिए जनयुद्ध चाहिए। बनारस
2026 के पहले सप्ताह से ही लोग सड़क हादसों में मारे जा रहें है। प्रतिवर्ष डेढ लाख लोग सड़क हादसों
जहाँ ‘मैं’ मिटता है, वहीं से सच्ची प्रगति का मार्ग खुलता है मनुष्य स्वभाव से ही महत्त्वाकांक्षी
यदि आपका मन प्रसन्न नहीं है तो इसका जिम्मेदार कोई और नहीं है बल्कि आप स्वंय हैं। इसी प्रकार
शुभ संवत 2082, शाके 1947, सौम्य गोष्ठ, माघ शुक्ल पक्ष, शिशिर ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रास्त पूर्वे
स्वयं पर मूक विजय से ही वास्तविक महानता का उदय होता है। - अज्ञात मनुष्य जितना ज्ञान में घुल गया हो उतना ही कर्म के रंग में रंग जाता है। - विनोबा भावे ईएमएस /21 जनवरी 26
कभी लगता है कि ट्रम्प तानाशाह हैं, कभी लगता है कि तुनकमिजाज। शायद अमेरीका वासियों को
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छवि सारी दुनिया में एक गैंगस्टर के रूप में बन