देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है जिसने संसद से लेकर राजनीतिक
भगवान सत्यनारायण की कथा शायद ही ऐसा कोई हो,जिसने सुनी न हो।इस ऐतिहासिक , पुरातन व धार्मिक
(28 अप्रैल दिवस विशेष आलेख) प्रतिवर्ष 28 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आइएलओ) द्वारा
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर—जो
बिहार में लगता है कहीं फिर होगा सुशासन की जगह कूशासन ना हो जाए क्योंकि नीतीश सरकार सेवामुक़्त
सिद्धांत व विचारविहीन राजनीति करते हुये अपनी सुविधा,लाभ व राजनैतिक भविष्य के मद्देनज़र
बिहार के वैशाली जिले से सामने आई यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि समाज, रिश्तों और
वर्तमान आधुनिक प्रौद्योगिकी डिजिटल युग में अंधविश्वासों गलतफहमियों से दूर, सकारात्मक
फारस के शासक साइरस अपनी प्रजा की भलाई में जुटे रहते थे। लेकिन खुद उनका जीवन सादगी से भरा
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, वैशाख शुक्ल पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोदय, पश्चिमे