अक्सर जब तुम प्रशंसा करते हो तो किसी और की तुलना में करते हो। किसी एक की प्रशंसा करने
शुभ संवत 2082, शाके 1947, सौम्य गोष्ठ, फाल्गुन शुक्ल पक्ष, शिशिर ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोद्रय
यह व्यक्ति की स्वयं की सोच ही होती है जो उसे बुराइयों की ओर ले जाती है ना कि उसके दुश्मन
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस, 21 फरवरी पर विशेष) प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभाषा में
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा,
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस- 21 फरवरी, 2026) 21 फरवरी को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय
(21 फरवरी अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विशेष आलेख) 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा
युवा सोच से भाषा संरक्षण की नई दिशा (अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) पर विशेष) मातृभाषा
भगवान ने हम सबको इंसान बनाया है। उसने हमें अलग-अलग जाति या धर्म में नहीं बनाया। अगर भगवान
बीजिंग में आयोजित स्प्रिंग फेस्टिवल गाला के मंच पर जब इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड