(11 फरवरी पुण्यतिथि पर विशेष) पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक भारतीय विचारक, अर्थशास्त्री,
गौतम बुद्ध ने कहा-’ बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय।’ उन्होंने ‘ सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’
राजस्थान का थार मरुस्थल केवल रेत का विस्तार नहीं है, बल्कि यह एक जटिल और संवेदनशील पारिस्थितिकी
आज की जीवनशैली भागम-भाग भरी है। मनुष्य हर कहीं तनाव और अवसाद की बेड़ियों में बंधा नज़र
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय,विकसित भारत की मानव पूंजी गाथा कौशल चेतना का महापुंज
(पुण्यतिथि पर विशेष) विलक्षण प्रतिभा के धनी दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को उत्तर
इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुआ आत्मघाती हमला केवल एक सुरक्षा
चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बे परवाह। जिनको कछू न चाहिए, वे साहन के साह।। वर्ष 1972 में अपना प्रेम
दुनिया में दो ही तरह के लोग हैं- एक वे जो अपने को नया करने का राज खोज लेते हैं, और एक वे जो
शुभ संवत 2082, शाके 1947, सौम्य गोष्ठ, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, शिशिर ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोद्रय