उत्तम पुरुषों की संपत्ति का मुख्य प्रयोजन यही है कि औरों की विपत्ति का नाश हो। - रहीम कबिरा घास न निन्दिये जो पाँवन तर होय। उड़ि कै परै जो आँख में खरो दुहेलो होय? - कबीर ईएमएस / 06 मई 26
सिर्फ पंद्रह दिन के अन्तराल पर जल पर्यटन के दौरान खुशिया मना रहे बेगुनाह पर्यटकों के
देश के लिए क्या दिशा संकेत? “लहर नहीं, प्रवृत्ति का संकेत है।” जैसा कि कहा जाता है—“पांचों
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण
पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक ज्योति बसु और बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व में वाम मोर्चा
आज सुबह-सुबह एक विचार पढ़ा-उपवास करना है तो विचारों का करे, भूखे रहने से भगवान खुश होते
भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में एक ऐसी बात निकलकर आई है, जिसे समझना जरूरी हो गया है। कभी
करीब 880 साल बाद बंगाल में भगवा लहराया है आजादी से पहले और आजादी के बाद भी जिस तरह के जख्म
जीवन की सांझ जब अपने पूरे विस्तार के साथ उतरती है, तब मनुष्य को सबसे अधिक आवश्यकता दवाइयों
-पर्यटन सुरक्षा तंत्र की विफ़लता और जवाबदेही की कसौटी- व्यापक समग्र विश्लेषण भारत जैसे