मची हुई दादागिरी, सभी है परेशान। शासन करने के लिए ,बना हुआ हैवान।।1।। पा कर के जनशक्ति
भारत में 1950 से संविधान लागू है। इस संविधान ने नागरिकों को अपना राजा चुनने का अधिकार दिया
दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच अलनीनो एक बार फिर भारत के लिए
हमें कब कहां क्या बोलना चाहिए या नहीं बोलना चाहिए, या फिर हमें कब कहां क्या करना चाहिए
विगत दिनों पाँच देशों की यात्रा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व को दिया भारतीय
अब दुनिया को एक और वायरस चुनौती देने के लिए दस्तक दे रहा है दुनिया को कोरोना महामारी के
नक्सलवाद के लगभग पूरी तरह खत्म होने का दावा काफी हद तक सही है, क्योंकि हाल के वर्षों में
भरी दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के एक प्रसिद्ध चौक पर मैने एक मानसिक रोगी को फटेहाल,आग
कॉस्मेटिक इंजेक्शन के नाम पर बढ़ते स्वास्थ्य खतरे पर बड़ा प्रहार- समग्र व्यापक विश्लेषण सुंदरता
भारत ने वर्ष 2047 तक “नशामुक्त भारत” का जो लक्ष्य तय किया है, वह केवल एक सरकारी अभियान नहीं