कैसी विडंबना है कि जीवनदान देने वाले अस्पताल अब लाक्षागृह बनते जा रहे है और लोग असमय
याद करें वह दिन, जब बिजली कटौती होती थी तो पूरा प्रदेश अंधेरे के साये में डूब जाता था।
भारतीय संस्कृति का अनुपम, यह पर्व अनूठा प्यारा है, नवसंवत्सर की प्रथम किरण, जन-जन का
इसे भारत की सफल कूटनीति की जीत तो कहा ही जायेगा इसके साथ-साथ भारत ने अपनी अदम्य सहास का
आधुनिकता के बीच उभरता सनातन मूल्यों का पुनर्जागरण भारत की नई पीढ़ी, जिसे आज आमतौर पर जेन-जी
अक्सर कहा जाता है कि जल ही जीवन है। किंतु यदि यही जल दूषित हो जाए तो क्या उसे जीवन का आधार
नवरात्रि पर्व पर साधना से मिलता है अभीष्ट फल भारतीय संस्कृति में नवरात्रि पर्व का विशेष
(19 मार्च जन्म जयंती जिंद पीर झूलेलाल) भारतीय संस्कृति में अनेक ऐसे देव रूप हैं जो केवल
कुदरत द्वारा रचित इस अनमोल खूबसूरत सृष्टि में रचनाकर्ता ने मानवीय जीवन में अनेक गुण
सभी शास्त्र कहते हैं कि बिना भगवान को प्राप्त किये मुक्ति नहीं मिल सकती है। इसलिए भगवान