- सुप्रीम कोर्ट का नोटिस,राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का स्वतः संज्ञान- जेल व्यवस्था, मानवाधिकार
आज मानव सभ्यता जिस सबसे बड़े संकट के सामने खड़ी है, वह युद्ध, महामारी या आर्थिक मंदी नहीं,
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान से जुड़े चल रहे संघर्ष के वैश्विक प्रभाव हैं।
यह कैसी बिडम्बना है कि इक्कीसवीं सदी में पहुंच कर भी भारतीय समाज का एक बड़ा हिस्सा आज
हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष में हमें यह विचार करना होगा कि दो सौ साल पहले हमारे
आज जीवन की सबसे बड़ी कड़वी सच्चाई है कि जीवन में थोडी सी निराशा आई नहीं कि मानव आत्महत्या
गुजरात विधानसभा में पारित ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक, 2026’ केवल एक कानून नहीं,
विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत पूरी दुनियाँ में बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाना
दूसरे का मान रखते हुए हम सम्मान अर्जित कर लें, इसमें गहरी समझ की जरूरत है। होता यह है कि
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, चैत्र शुक्ल पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोदय पश्चिमे