पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी परिदृश्य ने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र के सामने गंभीर
राजा भोज के नगर में एक विद्वान ब्राह्यण रहते थे। एक दिन गरीबी से परेशान होकर उन्होंने
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोदय,
आकाश में उड़ने वाले पंछी को भी अपने घर की याद आती है। - प्रेमचंद ज्ञानं भार: क्रियां बिना। आचरण के बिना ज्ञान केवल भार होता है। - हितोपदेश ईएमएस / 02 मई 26
(भारत:100 में 95 शहर सबसे गर्म) ग्लोबल वार्मिंग आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर समस्या के
पांच राज्यों के चुनाव का राजनीतिक शोर थमते ही महंगाई ने फिर से देश में दस्तक दे दी। हालांकि
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में एसआईआर से लेकर मतदान होने तक चुनाव आयोग, भारतीय जनता
आजकल एंग्जाइटी के रोग बढ़ने लगे है एंग्जाइटी डिस्ऑर्डर से पीडित व्यक्ति हर वक्त डरा रहता
एक समय था जब इस धरती पर इंसानियत केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन का आधार हुआ करती थी। दुख
(देवर्षि नारद जयंती (2 मई) पर विशेष) नारद मुनि की छवि को एक चुगलखोर अर्थात् इधर की उधर करने