कलयुगी रिश्ते की डोर कमजोर क्यों है क्योंकि आज के युग में रिश्ता पल पल बदल रहें है क्योंकि
कभी बेंगलूरू जैसे शहरों में सुबह की शुरुआत खुली हवा, पेड़ों की हरियाली और दूर तक फैले
वैश्विक स्तरपर वर्तमान डिजिटल युग में जहां एक ओर तकनीक ने ज्ञान,सूचना और अवसरों को वैश्विक
ईश्वर का दंड एवं उपहार दोनों असाधारण हैं। इसलिए आस्तिक को सदा ध्यान रहेगा कि दंड से बचा
शुभ संवत 2082, शाके 1947, सौम्य गोष्ठ, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, शिशिर ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोद्रय
उस व्यक्ति को आलोचना करने का अधिकार है जो सहायता करने की भावना रखता है - अब्राहम लिंकन हमारी
वैसे तो राजनीति का अभिप्राय राजकाज चलाने वाली नीति से है। इसका एकमात्र मकसद समतामूलक
साहित्य की कई विधाओं के माहिर महेंद्र मयंक के लेखन भी विविधताओं से भरे पड़े हैं। उन्होंने
मौजूदा वक्त में विकसित देशों के साथ ही प्रमुख विकासशील देशों में जिस तरह के घटनाक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता के