पश्चिम एशिया संकट,तेल-गैस की बढ़ती कीमतें, उर्वरक दबाव और भारत की रणनीतिक तैयारी पर केंद्र
-घर का भेदी लंका ढाए से कोचिंग उद्योग की काली अर्थव्यवस्था” तक -भारती,य परीक्षा प्रणाली
अंकों की चमक में दबता बचपन और शिक्षा का असली उद्देश्य परीक्षा परिणाम आते ही आजकल विद्यालयों
इन दोनों अगर सबसे ज्यादा चर्चा किसी चीज की हो रही है तो वो है सोना मेरा मतलब नींद से नहीं
कैसा विरोधाभास है जिस समय विपक्ष को मौजूदा वैश्विक संकट के दौर में सरकार के कंधे से कंधा
आज का मनुष्य समस्याओं, तनाव, भागदौड़ और मानसिक अशान्ति से घिरा हुआ है। जीवन की गति इतनी
एक कहानी है। एक राजा था। उसे मंत्री की नियुक्ति करनी थी। वह नियुक्ति से पूर्व परीक्षा
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोदय,
बुद्धि से विचारकर किए गए कर्म ही सफल होते हैं। - महाभारत फल की अभिलाषा छोड़कर कर्म करनेवाला मनुष्य ही मोक्ष प्राप्त करता है। - गीता ईएमएस / 19 मई 26
दुनिया एक बार फिर ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है जहाँ दो महाशक्तियों-अमेरिका