शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोदय,
जिस राष्ट्र में चरित्रशीलता नहीं है उसमें कोई योजना काम नहीं कर सकती। - विनोबा भावे
हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से आई दुर्घटनाओं की खबरों ने एक बार फिर हमारे
भारत के लोकतंत्र को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक ढांचा माना जाता है। 1950 में लागू हुए
(25 मई विश्व फुटबॉल दिवस) फुटबॉल दुनिया का ऐसा खेल है, जिसे समझने के लिए किसी भाषा की आवश्यकता
ईश्वर के नरसिंह अवतार, शूकर (वराह) अवतार, मत्स्य अवतार, कच्छप अवतार आदि के बारे में तो सबने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों संयुक्त अरब अमीरात,नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे
देवभूमि उत्तराखंड में तीर्थनगरी जनपद हरिद्वार के जाने-माने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
विदेश नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता’’। भारतीय संस्कृति में ‘‘सात फेरे’’ केवल रस्म
*किसी गरीब परिवार का युवा जब रेलवे,डाक विभाग,बैंकिंग,सुरक्षा बल या प्रशासनिक सेवा में