न्याय पालिका का काम न्याय करना... भारतीय न्यायपालिका को लंबे समय तक लोकतंत्र के सबसे विश्वसनीय
आज का मेरा यह आलेख उस बालक के नाम है जो आज 37 साल का हो चुका होगा, जो शायद आज भी किसी खिड़की
नीट परीक्षा 2027 से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित -सवाल वही डिजिटल युग, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था
दिल्ली के नांगलोई में एक निजी बस के भीतर महिला के साथ हुई बस कंडक्टर एवं ड्राइवर के दुष्कर्म
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की बंपर
आज हम एक ग्लोबल युग में जी रहे हैं दुनिया में कहीं कुछ घटित होता है तो उसका कुछ या अधिक
प्रोहिबिटेड अनलेस परमिटेड सिद्धांत बनाम “परमिटेड अनलेस प्रोहिबिटेड सिद्धांत” से उभरता
जिस परंपरा ने विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” सिखाया, उसे मिटाने की बातें केवल वैचारिक
एक बार की बात है। एक धनिक सेठ एक पहुंचे हुए संत के पास पहुंचा और उनसे बोला, महाराज, मैं आत्मज्ञान
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोदय,