बाहर से प्रतिष्ठान का भवन थोड़े बदलाव के साथ नजर आता है।अंदरुनी व्यवस्था, बदलाव देख कर
कुदरत द्वारा रचित सृष्टि की 84 लाख़ योनियों में सबसे अनमोल बौद्धिक क्षमता का अभूतपूर्व
- तकनीक से मोहभंग नहीं बल्कि जीवन को अधिक सार्थक और संतुलित बनाने की कोशिश एक समय था जब
एक बार बल और बुद्धि में विवाद हो गया। बल ने कहा,मैं बड़ा हूं। मेरे बिना कुछ भी नहीं होता।
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, द्वितीय ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे,
अपने विषय में कुछ कहना प्राय: बहुत कठिन हो जाता है क्यों कि अपने दोष देखना आपको अप्रिय
बिहार में बदलते घटनाक्रम को देखते हुए अब जिस तरहराष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन
कई महीनों से जारी तनाव और टकराव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की
1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था। संविधान के अनुसार संवैधानिक संस्थाओं का निर्माण हुआ।
भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों का बिखरना और उनके नेताओं का पाला बदलना आज एक ऐसा कड़वा