वैश्विक स्तरपर दुनियां में भारत ही एक ऐसा देश है जहां हजारों समाज, लाखों जातियां, उपजातियां
जीवों में शरीर तथा इन्द्रियों की विभिन्न अभिव्यक्तियां प्रकृति के कारण हैं। कुल मिलाकर
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, वैशाख शुक्ल पक्ष, बसंत ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रोदय पश्चिमे
धन बर्बाद करके आप निर्धन होते है लेकिन समय बर्बाद करके आप अपना जीवन नष्ट करते है। - अज्ञात जब
(विश्व पुस्तक दिवस 23 अप्रैल) मानव सभ्यता का इतिहास यदि किसी एक सूत्र में पिरोया जा सके,
हिमाचल की सरकार का वित्तीय संकट तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। प्राकृतिक प्रकोप के कारण
(विश्व पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) पर विशेष) पृथ्वी पर पानी कहां से आया, यह एक बहुत बड़ा अनसुलझा
(22 अप्रैल पृथ्वी दिवस पर विशेष आलेख) 22 अप्रैल का दिन अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि
विश्व गुरु के नाम से विख्यात भारत में हादसे दर हादसे हो रहे हैं। सड़कों पर मौत का तांडव
विश्व पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) पर विशेष न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर तापमान में