अब धीरे-धीरे भारतीय प्रजातंत्र के संवैधानिक स्तंभ चुनाव आयोग को राजनीति के दायरे में
विवाह एक सामाजिक प्रक्रिया है। समाज की व्यवस्था को बनाये रखने के लिए विवाह-संस्कार का
जीवन में सम्पूर्ण आत्म निर्भरता जैसा कुछ नहीं है। इसे भूल जाओ। यदि आप सोचते हो कि मैं
शुभ संवत 2082, शाके 1947, सौम्य गोष्ठ, माघ शुक्ल पक्ष, शिशिर ऋतु, गुरु उदय पूर्वे, शुक्रास्त पूर्वे
बिना जोश के आज तक कोई भी महान कार्य नहीं हुआ। - सुभाष चंद्र बोस जागें, उठें और न रुकें जब तक लक्ष्य तक न पहुंच जाएं। - स्वामी विवेकानंद ईएमएस /23 जनवरी 26
21वीं सदी में शक्ति संघर्ष का स्वरूप बहुत तेजी से बदल रहा है। अब विभिन्न देशों के बीच संघर्ष,
मलेशिया के पेराक राज्य में स्थित ताइपिंग के कॉमनवेल्थ युद्ध स्मारक की यात्रा के दौरान
भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षितिज पर बजट 2026-27 की आहट ने उद्योग जगत के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार
23 जनवरी को, वर्ष 2021 से भारत में पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। वास्तव में, यह दिवस
आज विश्व एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ आर्थिक अस्थिरता, व्यापार युद्ध, जलवायु संकट और सामाजिक