मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति नहीं है, बल्कि आत्मिक उन्नति,
क्या भारत वैश्विक पूंजी का नया चुंबक बन रहा है? -भारतीय ऋण बाजार, रुपया और शेयर बाजार पर
फारस के शासक साइरस अपनी प्रजा की भलाई में जुटे रहते थे। लेकिन खुद उनका जीवन सादगी से भरा
शुभ संवत 2083, शाके 1948, सौम्य गोष्ठ, द्वितीय ज्येष्ठ, कृष्ण पक्ष, ग्रीष्म ऋतु, गुरु उदय पूर्वे,
विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजो में अंतर रखते हो, लेकिन सभी इस बात पर एकमत है कि दुनिया
राजनीति की डगर काफी उबड़-खाबड़ होती है, पथरीली होती है। उसमें धूप में चलना होता है। सड़क पर
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ कालखंड केवल शासन परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय
मोदी सरकार की सबसे बड़ी उज्ज्वला योजना जिसका प्रचार-प्रसार देश और विदेश तक मोदी सरकार
आजकल ठग बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाने के लिए सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और फर्जी वेबसाइटों
दिल्ली के मालवीय नगर इलाक़े में गत 3 जून को हुए एक भीषण अग्निकांड की घटना घटित हुई। बताया