23 जनवरी को, वर्ष 2021 से भारत में पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। वास्तव में, यह दिवस
आज विश्व एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ आर्थिक अस्थिरता, व्यापार युद्ध, जलवायु संकट और सामाजिक
देवघर के लिए बसंत पंचमी का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहता है। महत्वपूर्ण इसलिए, क्योंकि यहां
- रुपया-शेयर बाज़ार वेंटिलेटर पर पिछले कुछ दिनों से भारतीय अर्थ व्यवस्था के संकेत एक
(जयंती पर विशेष) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम
(23 जनवरी बसंत पंचमी पर विशेष) बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति का वह पावन पर्व है, जब प्रकृति,
वैश्विक स्तरपर 21वीं सदी के तीसरे दशक में वैश्विक राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है,जहाँ अंतरराष्ट्रीय
सृष्टि के आरम्भ में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने जीवों की रचनाकर सृष्टि को
महान क्रांतिकारी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी सन1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। उनके
( जन्म दिवस पर विशेष ) नेताजी का जबलपुर से निकटतम आत्मीय संबंध रहा है । वे सन 1943 में कांग्रेस