मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख्तर की एक गजल है जिसे जगजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है उस गजल
देश के प्रथम प्रधानमंत्री, देश की आजादी के अपनी अतुलनीय भूमिका निभाने वाले, आधुनिक भारत
यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त विश्व धरोहर घोषित किया जाना भारत की सांस्कृतिक चेतना
फ़िल्म गीतकार शंकर सिंह शैलेंद्र की स्मृति में रुड़की के तत्कालीन साहित्य एवं फ़िल्म प्रेमियों
संसद में यदि बंदे की चर्चा जोरों पर है क्योंकि इसकेसाल 2025 भारत के राष्ट्रीय गीत, वंदे
ईश्वर मौत दे देना किसी के कदमों मे मत झुकाना। स्वाभिमान बरकरार रखना। आधी रोटी से भूख
वैश्विक स्तरपर सबसे युवा देश जिसकी 65 फ़ीसदी आबादी उसकी सबसे मूल्यवान संपत्ति है वह है
भारत की आंतरिक सुरक्षा पर विमर्श करते समय नक्सलवाद हमेशा एक गहरे घाव की तरह सामने आता
इस से ज्यादा शर्मसार करने वाली बात क्या हो सकती है कि आज लोकतंत्र के पावन मंदिर में राष्ट्रगीत
ऊपर दिए गए विषय पर लिखने का विचार तब आया जब मेरे पड़ोसी, कमोडोर (से.नि.) रवि नौटियाल ने मुझे