लेख

(कहो तो कह दूं) वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं, कौन दुख झेले, आजमाए कौन... (लेखक- चैतन्य भट्ट/ ईएमएस)

11-Dec-2025

मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख्तर की एक गजल है जिसे जगजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है उस गजल

नेहरू जी न होते तो आपका क्या होता जनाबे पीएम मोदी (लेखक- दिलीप कुमार पाठक / ईएमएस)

11-Dec-2025

देश के प्रथम प्रधानमंत्री, देश की आजादी के अपनी अतुलनीय भूमिका निभाने वाले, आधुनिक भारत

यूनेस्को ने दीपावली को विश्व धरोहर घोषित किया (लेखक - ललित गर्ग/ईएमएस)

11-Dec-2025

यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त विश्व धरोहर घोषित किया जाना भारत की सांस्कृतिक चेतना

दो दशक बाद आखिर लौटकर रुड़की आ ही गई शैलेंद्र सम्मान समिति! (लेखक- डॉ. श्रीगोपाल नारसन/ ईएमएस)

11-Dec-2025

फ़िल्म गीतकार शंकर सिंह शैलेंद्र की स्मृति में रुड़की के तत्कालीन साहित्य एवं फ़िल्म प्रेमियों

संसद में व्यर्थ बातों पर नहीँ जनहित पर चर्चा आवश्यक (लेखक- संजय गोस्वामी / ईएमएस)

11-Dec-2025

संसद में यदि बंदे की चर्चा जोरों पर है क्योंकि इसकेसाल 2025 भारत के राष्ट्रीय गीत, वंदे

ईश्वर मौत दे देना किसी के कदमों मे मत झुकाना (लेखक - नरेंद्र भारती / ईएमएस)

11-Dec-2025

ईश्वर मौत दे देना किसी के कदमों मे मत झुकाना। स्वाभिमान बरकरार रखना। आधी रोटी से भूख

युवा ही 2047 के भारत का निर्माण करेंगे- राष्ट्रहित सर्वोपरि होगा तो राष्ट्र सुरक्षित होगा (लेखक - एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं /ईएमएस)

11-Dec-2025

वैश्विक स्तरपर सबसे युवा देश जिसकी 65 फ़ीसदी आबादी उसकी सबसे मूल्यवान संपत्ति है वह है

नक्सलवाद का ढलता सूरज: सुरक्षा, विश्वास और विकास की जीत (लेखक- अजीत लाड़/ईएमएस)

11-Dec-2025

भारत की आंतरिक सुरक्षा पर विमर्श करते समय नक्सलवाद हमेशा एक गहरे घाव की तरह सामने आता

वंदे मातरम् पर विवाद देश की मूल भावना से खिलवाड़ (लेखक- मनोज कुमार अग्रवाल/ईएमएस)

11-Dec-2025

इस से ज्यादा शर्मसार करने वाली बात क्या हो सकती है कि आज लोकतंत्र के पावन मंदिर में राष्ट्रगीत

महाराजाओं, ज़मींदारों और बड़ा साहिबों का आभामंडल: भारत में वीआईपी संस्कृति का समाजशास्त्र (लेखक- देवेन्द्र कुमार बुडाकोटी / ईएमएस)

11-Dec-2025

ऊपर दिए गए विषय पर लिखने का विचार तब आया जब मेरे पड़ोसी, कमोडोर (से.नि.) रवि नौटियाल ने मुझे