राज्य
03-Dec-2025
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* समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पारसी समुदाय के श्रेष्ठजनों को ‘पारसी रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया अहमदाबाद (ईएमएस)| राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रोत्साहक उपस्थिति में अहमदाबाद में ‘द अवर ऑफ रिकग्निशन एंड डेडिकेशन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अरीज़ खंभाता बेनेवोलेंट ट्रस्ट और रसना फाउंडेशन के संयुक्त उपक्रम से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने अहमदाबाद पारसी पंचायत और अरीज़ खंभाता बेनेवोलेंट ट्रस्ट द्वारा निर्मित होने वाले अरीज़ खंभाता सीनियर सिटीज़न होम के 3D मॉडल का अनावरण किया। इस अवसर पर समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पारसी समुदाय के श्रेष्ठजनों को राज्यपाल द्वारा ‘पारसी रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा कि देश के विकास में राष्ट्रभक्त पारसी समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में अपने विशिष्ट योगदान के कारण इस समुदाय ने देश में निरंतर सम्मान अर्जित किया है। सफल व्यक्ति की परिभाषा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति दूसरों के लिए बने या दूसरों को अपना बना ले, वही सफल कहलाता है।” देश में पारसी समुदाय के आगमन से जुड़ी महाराजा जयसिंह की प्रसिद्ध घटना का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जैसे दूध में शक्कर घुलकर स्वाद बढ़ाती है, वैसे ही पारसी समुदाय देश के विकास में घुल-मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन के बाद देश में गरीबी थी, ऐसे कठिन समय में पारसी समुदाय ने उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मदद की। टाटा समूह द्वारा देश को पहली स्टील फैक्ट्री, पहला हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, पहली आधुनिक होटल, अनुसंधान संस्थान और उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय जैसी अनेक उपलब्धियां प्रदान की गईं। कोरोना काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के CEO अदार पूनावाला के सक्रिय प्रयासों से देश को शीघ्र वैक्सीन उपलब्ध हुई, जिससे लाखों लोगों की जान बच सकी। मुंबई को आर्थिक राजधानी बनाने में भी पारसी समाज का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। दादाभाई नौरोजी, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और इस समारोह में उपस्थित रिटायर्ड ब्रिगेडियर जहांगीर अंकेलश्वरिया जैसे महानुभावों के योगदान को भी राज्यपाल ने याद किया। अरीज़ खंभाता सीनियर सिटीज़न होम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह भवन पारसी समुदाय की संस्कृति और संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में पारसी समाज आगे भी अपना सक्रिय योगदान देता रहेगा। राज्यपाल ने कहा कि पारसी समुदाय भले ही संख्या में कम हो, लेकिन वे सदैव समाज को श्रेष्ठ और अधिक देने की भावना रखते हैं। इस समुदाय में बच्चों को बाल्यावस्था से ही राष्ट्र निर्माण, समाज कल्याण और लोककल्याण की शिक्षा दी जाती है। पारसी समुदाय के धार्मिक अग्रणी दस्तूरजी खुर्शीद दस्तूर ने अरीज़ खंभाता बेनेवोलेंट ट्रस्ट की कार्यवाही की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। AKBT के फाउंडर ट्रस्टी पीरूज़ खंभाता ने स्वागत भाषण में राज्यपाल को सोशल रिफॉर्मर बताते हुए कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में प्राकृतिक कृषि, वैदिक अध्ययन जैसे अभियानों ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं। कार्यक्रम में पारसी समुदाय के धार्मिक अग्रणी दस्तूरजी, AKBT के ट्रस्टी परसिस अरीज़ खंभाता, बिनाईसा पीरूज़ खंभाता सहित देशभर से पारसी समाज के अनेक अग्रणी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सतीश/03 दिसंबर