क्षेत्रीय
02-Jan-2026


हाट बाजारों में भी लोग पसंद कर रहे हैं अनाज और सब्जियां छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। रासायनिक खादों और रासायनिक दवाओं के छिड़काव के कारण खेतों में उग रही फसलें और बगीचों में पैदा हो रही सब्जियों का स्वाद तो बिगड़ ही रहा है लोगों के स्वास्थ्य को भी ये गंभीर रूप से प्रभावित कर रहीं हैं। ऐसे में जैविक और प्राकृतिक उत्पादों के सेवन की तरफ अब लोगों का रुझान बढ़ रहा है। लोग अब प्राकृतिक और जैविक उत्पादों का सेवन के लिए अब जागरूक हो रहे हैं। जिले में ऐसे कई समूह हैं जो इस तरह से खाद्य चीजों का उत्पादन कर रहे हैं और उनके उत्पादों की डिमांड भी बढ़ रही है। जिले में यूं तो प्राकृतिक या जैविक तरीके से खाद्य वस्तुओं का उत्पादन एक दशक से हो रहा है लेकिन पूरी तरह इसके प्रमाणीकरण की जटिल प्रक्रिया और जांचों के कारण किसान इससे नहीं जुड़ते दिखे लेकिन पिछले दो तीन सालों में इस तरह से फसलों और सब्जियों के उत्पादन का रकबा बढ़ रह है। सरकार भी अब इस तरफ ध्यान दे रही है। जिले में विशेष अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती करने प्रेरित किया जा रहा है। हाट बाजारों में अच्छी मांग जिले में मोहखेड़, बिछुआ, तामिया, परासिया तरफ कुछ किसान अपने स्तर पर तो कुछ समूहों के जरिए गुड, हल्दी, अनाज के अलावा, सब्जियों की खेती प्राकृतिक या जैविक रूप से कर रहे हैं। इनकी डिमांड अब लगातार बढ़ रही है। जैविक सब्जियों की मांग सबसे ज्यादा है। इस तरह उगाई सब्जियों के दाम थोड़े ज्यादा है लेकिन लोग ज्याद कीमत में भी इन्हें खरीद रहे हैं। गुरैया सब्जी मंडी में पिछले महीने प्रशासन ने साप्ताहिक जैविक हाट बाजार की शुरुआत की। यहप्रयोग बेहद सफल रहा है। अब तक के तीन सप्ताहों में बड़ी संख्या में लोग यहंा खरीदी करने पहुंचे। अब ऐसे बाजार अन्य स्थलों पर भी लगाने की तैयारी की जा रही है। प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ाने की कोशिश जिलें में प्राकृतिक खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है। भारत सरकार के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 50 क्लस्टर में प्राकृतिक खेती के लिए 6 हजार 250 किसानों का चयन कर पोर्टल पर पंजीयन किया गया है। इनसे जुड़े किसानों के खेतों में प्राकृतिक रूप से खेती की जाएगी। इसके परिणाम अच्छे मिले तो किसानों को इसका रकबा बढ़ाने और अन्य किसानों को भी इस मिशन में शामिल किया जाएगा। मिशन के अंतर्गत 50 क्लस्टर का निर्माण किया जा चुका है। प्राकृतिक खेती के लिये जिले में 33 बायो इनपुट रिसोर्स सेन्टर भी बनेंगे। अभी शुरुआत- और बढ़ेगा बाजार इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अभी शुरुआत है। सब्जी मंडी में शुरुआत में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। यदि डिमांड बढ़ती है तो और स्टाल और बढ़ाए जाएंगे। उपसंचालक कृषि जितेंद्र सिंह ने बताया कि शहर में और अन्य स्थानों पर भी प्राकृतिक,जैविक बाजार किस तरह विस्तारित किए जाएं इस संबंध में विचार किया जाएगा। ईएमएस / 02 जनवरी 2026