- सरकार करवाएगी दुग्ध उत्पादों की होम डिलीवरी पटना, (ईएमएस)। बिहार सरकार ने राज्य में दुग्ध और मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक नई पहल की रूपरेखा तैयार की है। राज्य के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने होम डिलीवरी के माध्यम से दुग्ध उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग इलेक्ट्रिक कार्ट खरीदने जा रहा है, जिससे ताजा दूध, दही, पनीर जैसे उत्पाद घर-घर पहुंच सकेंगे। वहीं, मछली प्रेमियों के लिए भी एक खास व्यवस्था की जा रही है। ताजी मछली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘फ्रेश कैच’ नाम से फिश आउटलेट खोलने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यह जानकारी विभागीय मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कल हुई बैठक के बाद दी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों स्तर पर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और ताजा दुग्ध उत्पादों की सुविधा देना है। इलेक्ट्रिक कार्ट के जरिए होम डिलीवरी से न सिर्फ उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि दूध के उत्पादन और वितरण में पारदर्शिता भी आएगी। साथ ही, इससे छोटे और मध्यम स्तर के डेयरी उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा और मध्यस्थों पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही, ‘फ्रेश कैच’ फिश आउटलेट खोलने से ताजी मछली की उपलब्धता बढ़ेगी। यह कदम मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ मछली पालन करने वाले किसानों को बाजार उपलब्धता और बेहतर कीमत सुनिश्चित करने में मदद करेगा। इस बैठक में ‘हर गांव डीसीएस, हर पंचायत सुधा बिक्री केंद्र’ बनाने की परिकल्पना को साकार करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य गांवों में दूध संग्रहण और बिक्री की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। यदि यह योजना लागू होती है तो ग्रामीण क्षेत्र में डेयरी उत्पादकों को अपने उत्पाद आसानी से बेचने और सही मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। साथ ही, पंचायत स्तर पर सुधा बिक्री केंद्र बनने से उपभोक्ताओं को भी सीधे और सस्ते में दूध उत्पाद मिल सकेंगे। इलेक्ट्रिक कार्ट के माध्यम से होम डिलीवरी की योजना को पर्यावरण के अनुकूल कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। पारंपरिक वाहन की जगह इलेक्ट्रिक कार्ट के इस्तेमाल से ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। साथ ही, यह योजना ऊर्जा संरक्षण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में मंत्री सुरेंद्र मेहता ने आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए सात निश्चय–3 के तहत चल रही प्रस्तावित योजनाओं की तैयारियों की समीक्षा की। सरकार का उद्देश्य कृषि, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाकर रोजगार सृजन करना है। साथ ही, इन क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी सहायता बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आमदनी में वृद्धि करना भी लक्ष्य है। संतोष झा- १९ जनवरी/२०२६/ईएमएस