- तकनीक, तत्परता और मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण – सागर पुलिस सागर (ईएमएस)। सागर पुलिस के सीसीटीवी कंट्रोल रूम की सतर्क निगरानी प्रणाली, तकनीकी दक्षता एवं वरिष्ठ अधिकारियों के त्वरित निर्देशन के परिणामस्वरूप एक ग्राम रोजगार सहायक का अत्यंत कीमती लैपटॉप एवं महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज सुरक्षित रूप से बरामद कर उन्हें वापस सौंपे गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार अतुल आठिया, ग्राम रोजगार सहायक, भोपाल से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने चार अन्य साथियों के साथ सागर लौट रहे थे। दिनांक 17/01/2026 की रात्रि लगभग 02:03 बजे, राजघाट चौराहे पर वाहन से उतरते समय उन्होंने अपना लैपटॉप बैग एवं जैकेट फुटपाथ पर स्थित ब्रैंच पर रख दिया। आपसी भ्रम के कारण सामान वहीं छूट गया, जिसकी जानकारी उन्हें तत्काल नहीं हो सकी। दूसरे दिन शाम को स्मरण आने पर साथियों से पूछताछ की गई, परंतु लैपटॉप किसी के पास नहीं मिला। पूरे दिन प्रयास के बावजूद जब लैपटॉप का पता नहीं चला, तब थाना गोपालगंज में प्रधान आरक्षक अनिल प्रभाकर को सूचना दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव उइके को संपूर्ण जानकारी फोन के माध्यम से अवगत कराई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा तत्काल कंट्रोल रूम में पदस्थ उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान को लैपटॉप खोजने हेतु निर्देशित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान द्वारा महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक,आरक्षक योगेश ठाकुर के साथ मिलकर सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया। लगातार 4 घण्टे के प्रयासों एवं सूक्ष्म विश्लेषण के दौरान धुंधली फुटेज में यह स्पष्ट हुआ कि किसी व्यक्ति द्वारा सुबह 6 बजे उसी स्थान से लैपटॉप उठाकर पास की चाय की दुकान पर सुरक्षित रखने हेतु दिया गया है। इस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर थाना गोपालगंज से चीता मोबाइल को कंट्रोल रूम बुलाया गया, जिसमें आरक्षक चंद्रकांत एवं आरक्षक नेकराम ड्यूटी पर तैनात थे। टीम को तत्काल चिन्हित स्थान पर रवाना किया गया। चाय दुकानदार से पूछताछ करने पर उसने बताया कि सुबह एक ऑटो चालक लैपटॉप उठाकर उसकी दुकान पर सुरक्षित रखने हेतु दे गया था, जिसे उसने पूरी ईमानदारी से संभालकर रखा। पुलिस टीम द्वारा लैपटॉप को सुरक्षित कब्जे में लेकर सीसीटीवी कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहां संबंधित व्यक्ति अतुल आठिया को बुलाकर उनका लैपटॉप, बैग एवं सभी आवश्यक शासकीय दस्तावेज पूर्णतः सुरक्षित अवस्था में सुपुर्द किए गए। लैपटॉप प्राप्त होने पर अतुल आठिया ने बताया कि लैपटॉप में मौजूद डाटा अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुमूल्य था, जिसकी कीमत लैपटॉप से भी कहीं अधिक थी, साथ ही बैग में आवश्यक कार्यालयीन दस्तावेज भी रखे हुए थे। उन्होंने सागर पुलिस, विशेषकर सीसीटीवी कंट्रोल रूम टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उपरोक्त संपूर्ण कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उइके श्री लोकेश कुमार सिंहा के निर्देशन में, उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान एवं प्रधान आरक्षक रेखा रजक,(थाना ट्रैफिक)आरक्षक योगेश ठाकुर द्वारा तत्परता एवं सूझबूझ से की गई, जो सागर पुलिस की तकनीक-आधारित, संवेदनशील एवं भरोसेमंद पुलिसिंग का सशक्त उदाहरण है। निखिल सोधिया/ईएमएस/19/01/2026