बिलासपुर (ईएमएस)। शहर में रविवार को साइंस कॉलेज ग्राउंड में महात्मा श्री राम भिक्षुक धर्म जागरण समिति द्वारा सामूहिक महारूद्राभिषेक का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री सच्चिदानंद तीर्थ महाराज रहे।आयोजन 5 बजे से शुरू हुआ जिसमें छोटे बच्चों से लेकर बड़ो ने श्रधा भाव के साथ महारूद्राभिषेक में भाग लिया।आयोजन में पुरा ग्राउंड भगवा और केशरिया के रंग में मैदान भर रहा ।1108 परिवार ने अपने अपने स्थान में आसन जमा कर पूजा अर्चना की।सभी के सामने तीन थाली थी। एक में भगवान शिव का पार्थिव शिवलिंग, दूसरे में 21 नदियों का जल और एक थाली में 21 प्रकार की पूजन सामग्री, ताबें की ग्लास और बाल्टी में पानी था। गणपति व शिवगण से पूरा मैदान गूंजने लगा। इसके बाद पंडितों द्वारा मंत्रों से पूरा प्रांगण गूंजायमान हो गया। सामने बैठे 1108 भक्तों द्वारा पार्थिव शिवलिंग की पूजा-अर्चना और अभिषेक करने लगे। कर्तव्य भले ही अलग-अलग हों, लेकिन सनातन धर्म के प्रति निष्ठा और सम्मान कभी नहीं छोडऩा : सच्चिदानंद तीर्थ महाराज इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री सच्चिदानंद तीर्थ महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य का शरीर पंचतत्व आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी से बना है। उन्होंने कहा कि रुद्रपाठ के माध्यम से भगवान शिव का अभिषेक कराना अत्यंत सौभाग्य की बात है।उन्होंने कहा कि सबसे पहले प्रत्येक व्यक्ति को संकल्प लेना चाहिए कि हम पहले हिंदू हैं और इस बात को गर्व के साथ स्वीकार करना चाहिए।कर्तव्य भले ही अलग-अलग हों, लेकिन सनातन धर्म के प्रति निष्ठा और सम्मान कभी नहीं छोडऩा चाहिए। सामूहिक प्रार्थना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती स्वयं में धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखती है, जहां भगवान श्रीकृष्ण और पंचकोशी परिक्रमा जैसी पावन परंपराएं विद्यमान हैं।भगवान शंकर की कृपा के बिना जीवन अधूरा है। नर्मदा जल से अभिषेक और पूजन करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। शिव भक्ति से रोगों से मुक्ति मिलती है, जीवन को सही मार्गदर्शन मिलता है और पढ़ाई, राजनीति तथा समाजसेवा में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। श्री राम भिक्षुक धर्म जागरण समिति के आयोजन का तीसरा वर्ष शहर में यह आयोजन तीसरी बार मौनी अमावस्या पर्व का उत्सव मनाया गया। इसके लिए श्रीराम भिक्षुक महाराज सेवा समिति ने साइंस कॉलेज ग्राउंड में 1108 पार्थिव शिवलिंग से महारुद्राभिषेक का कार्यक्रम रखा। महाआरती में साइंस कॉलेज का मैदान भक्तिमय से गूंजा महारुद्रभिषेक में 1108 पार्थिव शिव लिंग की पूजा 1108 भक्त ने किया। लेकिन पूरा प्रांगण भक्तों से भरा हुआ था। सभी लोग पूजा स्थल पर न बैठकर खड़े-खड़े मंत्रों को सुनकर उसे दोहरा रहे थे। वे भी पूजा में लीन हो गए। महारुद्राभिषेक को देखने सैकड़ों भक्त खड़े थे। साइंस कॉलेज का मैदान भक्तिमय हो गया। महाआतरी के समय सभी लोग दिया लेकर शामिल हुए। पूरा प्रांगण दीपों से जगमगाने लगा और बच्चे ने भी आनंद लिया ।साइंस कॉलेज मैदान मेले जैसे महौल में दिखने लग गया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति भरे भजनों की प्रस्तुति दी गई। जिसका आनंद भक्तों ने लिया। पूजन सामग्री रुद्राभिषेक के लिए भक्तों को दी गई रुद्राभिषेक में लगने वाले सभी आवश्यक सामग्री जैसे पार्थिव शिवलिंग, 21 प्रकार के जल, 21 प्रकार की पूजन सामग्री, पांच प्रकार के फल, पांच प्रकार के प्रसाद, 11 प्रकार के फूल, वनस्पति श्रृंगार, वस्त्र, शिवजी को प्रिय पांच प्रकार के पदार्थ, 1108 परिवार को स्मृति रूपी प्रसाद, पूजा के सभी पात्र समिति द्वारा भक्तों को दिया गया। सभी भक्तों ने इन्हीं पूजन सामग्री से महारुद्राभिषेक किया। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 19 जनवरी 2026