बिलासपुर (ईएमएस)। आर्य समाज वसुंधरा विहार, बहतराई रोड बिलासपुर में रविवार 18 जनवरी को साप्ताहिक यज्ञ एवं सत्संग कार्यक्रम श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य यजमान विधि बत्रा रहीं, जिन्होंने अपना जन्मदिन वैदिक परंपरा के अनुसार यज्ञ में वेद मंत्रों से आहुतियां देकर मनाया। यज्ञोपरांत दिल्ली से पधारे अशोक गुगलानी एवं सुषमा गुगलानी ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात अरविंद गर्ग ने समय के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समय अत्यंत बलवान है। जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करता है, वही जीवन में प्रगति करता है। इस विषय को विस्तार देते हुए आचार्य जयदेव शास्त्री ने कहा कि समय जीवन का सबसे अनमोल और सीमित संसाधन है, जो एक बार चला जाए तो लौटकर नहीं आता। समय का सही उपयोग व्यक्ति को सफलता, अनुशासन और संतुष्टि की ओर ले जाता है, जबकि इसका दुरुपयोग असफलता और पछतावे का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि समय ऐसा धन है जिसे न कमाया जा सकता है और न ही वापस पाया जा सकता है। समय का पालन करने से व्यक्ति में अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मबल का विकास होता है। आचार्य ने कहा कि जितने भी महापुरुष और समाज सुधारक हुए हैं, उन्होंने समय का सदुपयोग किया, तभी वे महान बने। आज का युवा समय की कीमत नहीं समझता और जब समय निकल जाता है तब पछतावा होता है। उन्होंने कहा—सही दिशा और सही समय का ज्ञान न हो तो उगता हुआ सूरज भी डूबता हुआ प्रतीत होता है। समय व्यक्ति को व्यवहार कुशल, मर्यादित और दिनचर्या से बंधा हुआ बनाता है, जिससे उसका सर्वांगीण विकास होता है। कार्यक्रम के अंत में आर्य समाज अध्यक्ष रूपलाल चावला ने 25 जनवरी को आयोजित होने वाले वार्षिक सम्मेलन एवं महायज्ञ का आमंत्रण देते हुए बताया कि सुबह 10 से 2 बजे तक विशाल हवन-सत्संग होगा। इस अवसर पर आर्षगुरुकुल टटेसर, दिल्ली के प्राचार्य एवं अथर्ववेदाचार्य आचार्य हनुमत प्रसाद का सान्निध्य प्राप्त होगा। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार उपस्थित होने की अपील की। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 19 जनवरी 2026