बिलासपुर (ईएमएस)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बिलासपुर की मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में ब्रह्माकुमारीज के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57वाँ पुण्य स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सेवाकेंद्र संचालिका बीके स्वाति दीदी ने ब्रह्मा बाबा के जीवन को दिव्य गुणों की जीवंत मिसाल बताते हुए उनके 18 कदमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके स्वाति दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा का संपूर्ण जीवन श्रेष्ठ संस्कारों से परिपूर्ण था। वे सभी को अपने से भी ऊँचा देखने की भावना रखते थे तथा सदा स्नेही, सहयोगी और निरंतर योगी बने रहे। उनका प्रत्येक संकल्प इच्छा और लगाव से मुक्त होता था। दीदी ने बताया कि ब्रह्मा बाबा में गंभीरता और रमणीकता का अद्भुत संतुलन था। वे सर्वगुणों में मास्टर सागर, सच्चे सेवाधारी, निमित्त और निर्माणचित्त थे। त्याग और भाग्य—दोनों में वे अग्रणी थे तथा परिवर्तन की शक्ति से सदा विजयी बने रहे। बीके स्वाति दीदी ने उपस्थित भाई-बहनों से आह्वान किया कि यदि जीवन में सच्ची सफलता, शांति और संतोष चाहिए, तो ब्रह्मा बाबा के इन दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण करना होगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर राजयोग भवन में ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय पांडव भवन के चार धामों के प्रतिरूप, शांति स्तंभ, बाबा की कुटिया, ब्रह्मा बाबा का कमरा एवं हिस्ट्री हॉल का विशेष सृजन किया गया, जिसे फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया। प्रात: अमृतबेला से लेकर पूरे दिन राजयोग ध्यान और ईश्वरीय महावाक्यों का आयोजन हुआ। सैकड़ों साधकों ने योगाभ्यास कर आत्मिक शांति का अनुभव किया और अंत में प्रसाद ग्रहण कर ब्रह्मा बाबा के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 19 जनवरी 2026