दावोस (ईएमएस)। सिस्को के एक अधिकारी ने कहा है कि कृत्रिम मेधा (एआई) और उन्नत कंप्यूटिंग के कारण डेटा केंद्रों की बढ़ती मांग के चलते भविष्य में अंतरिक्ष में डेटा सेंटर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर शीतलन और बिजली जैसी बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को देखते हुए अंतरिक्ष डेटा सेंटर एक व्यवहारिक समाधान हो सकता है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा की तीव्रता पृथ्वी की तुलना में अधिक है, जिससे शीतलन लागत और ऊर्जा की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। डेटा सेंटरों में शीतलन अवसंरचना का वजन लगभग 90 प्रतिशत होता है। इस वजह से ऊर्जा कुशल या हरित डेटा सेंटर भविष्य में बेहद महत्वपूर्ण होंगे। अधिकारी का कहना है कि ऊर्जा की उपलब्धता और शीतलन लागत के दृष्टिकोण से अंतरिक्ष में डेटा सेंटर विकसित करना एक आर्थिक और तकनीकी रूप से उपयुक्त विकल्प हो सकता है। उन्होंने कृत्रिम मेधा को मानव इतिहास में सबसे बड़े वैश्विक बदलाव के रूप में देखा। उनका मानना है कि एआई हर नौकरी और कार्यप्रवाह को प्रभावित करेगा। हालांकि, लोग आमतौर पर अल्पकालिक प्रभाव को अधिक और दीर्घकालिक प्रभाव को कम आंकते हैं। सतीश मोरे/20जनवरी ---