कोरबा (ईएमएस) ऐसा लग रहा हैं की कोरबा जिले में पुनः कबाड़ चोरी का काम शुरू हो गया है, और कोई संगठित गिरोह इसे अंजाम देने में लगा हुआ है। हसदेव वांगो बायी तट नहर से लोहे के पुल की चोरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने संदिग्ध दो व्यक्तियों के ठिकानों पर छापामार कार्यवाही की लेकिन उनका पता नहीं चला। कई गुप्तचरों को इस काम में लगाया गया है। कोरबा अंचल के सीएसईबी पुलिस चौकी अंतर्गत ढोढ़ीपारा क्षेत्र में सिंचाई विभाग के बायी तट नहर से पुल की चोरी करने का काम इसलिए हैरतअंगेज माना जा रहा है, क्योंकि इसका कुल वजन 10 टन लगभग बताया जा रहा हैं। जानकारी के अनुसार पुलिस को कबाड़ चोरी से जुड़े इस मामले में दो लोगों की भूमिका के संबंध में जानकारी हुई। इस आधार पर पुलिस की टीम ने संबंधित के ठिकाने पर छापामार कार्यवाही की। इस दौरान उनकी उपस्थिति वहां नहीं मिली। पूछताछ करने पर मालूम हुआ कि वह लोग बाहर है। कई गुप्तचर आसपास में सक्रिय किए गए हैं। सीएसईबी चौकी प्रभारी भीम यादव ने बताया कि कबाडियों के अड्डों की निगरानी के साथ और भी दूसरे एंगल पर पुलिस की टीम काम कर रही है ताकि इस बड़े मामले का पर्दाफाश जल्द किया जा सके। बीते वर्षों की तरह अभी कोरबा में कबाड़ व्ययसायी के ठिकानों की संख्या कुछ कम हुई है। कई अड्डों को पहले सील कर दिया गया। कहा जा रहा है कि स्क्रैप डील करने वाले व्यक्ति ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए अन्य स्थान पर यार्ड बना लिया है और वहां से गतिविधियां संचालित की जा रही है। ऐसे में अगर पुराने ठिकाने पर रेड होती भी है तो हासिल कुछ होना नहीं है। 22 जनवरी / मित्तल