जगदलपुर(ईएमएस)। बस्तर ब्लॉक के पिपलावंड क्षेत्र में संचालित 14 खदानों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लोक सुनवाई के दौरान खुलकर सामने आ गया। लगातार हो रही ब्लास्टिंग से घरों में दरारें पड़ने, छतों के टूटने, खेती को नुकसान और पेयजल स्रोतों के दूषित होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराज़गी जाहिर की। ग्रामीणों ने लोक सुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और खनिज विभाग के अधिकारियों का घेराव करते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि प्रशासन लगातार उनकी बातों को अनसुना करता रहा है। स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब अधिकारियों के जवाबों से असंतुष्ट ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया, जिसके बाद हालात को संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। ग्रामीणों ने खनन नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्रशासन और खनन कंपनियों के बीच मिलीभगत का दावा किया। उनका कहना है कि जिन खसरा नंबरों पर खदानें संचालित की जा रही हैं, उसी भूमि पर उनके आवास भी स्थित हैं। खदानों की स्थापना और ग्रामसभा से मिली सहमति को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के दावे एक-दूसरे के विपरीत नजर आए। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि खनन से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पिपलावंड क्षेत्र में खदानों को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।