-कलेक्टर मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे, स्वास्थ्य टीमें इलाके में तैनात भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में एक बार फिर दूषित पेयजल के सेवन से 22 लोग बीमार हो गए। यह घटना तब सामने आई है जब महज कुछ हफ्ते पहले ही जलजनित बीमारियों के कारण शहर में 23 लोगों की जान जा चुकी है और कई अस्पताल में भर्ती थे। ये ताजा मामला मुख्य रूप से महू इलाके से सामने आया है जहां 22 लोगों ने दूषित पानी पीने के बाद बीमार होने की शिकायत की। इनमें से नौ को अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि बाकी मरीज़ों का इलाज मेडिकल देखरेख में घर पर किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों की संख्या 25 से ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि आस-पास के इलाकों से भी अतिरिक्त मामले सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रभावित इलाकों से रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार देर रात प्रशासन हरकत में आया। जिला कलेक्टर मरीजों से मिलने और स्थिति का जायजा लेने अस्पताल पहुंचे, जबकि स्वास्थ्य टीमों को इलाके में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम शुक्रवार सुबह से ही जमीन पर है, जो तत्काल मेडिकल सहायता दे रही है और प्रभावित इलाकों में स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में एक सर्वे शुरू किया ताकि किसी भी नए मामले की तुरंत पहचान की जा सके और उचित इलाज के लिए लक्षणों की गंभीरता के आधार पर मरीज़ों को वर्गीकृत किया जा सके। इस महीने की शुरुआत में गंभीर प्रदूषण और पानी से होने वाली बीमारियों के मामले सामने आए थे, जब कई लोग बीमार पड़ गए और कई लोगों की मौत हो गई थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों की संख्या कम से कम 15 है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि उल्टी और दस्त के कारण करीब 25 लोगों की मौत हुई है। यह मामला पहले ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच चुका है, जब सरकार ने पीने के पानी के प्रदूषण के कारणों की जांच करने, जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की सिफारिश करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया था। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि समिति सिर्फ दिखावा थी, जिसका मकसद संकट के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों को बचाना था। सरकार के आकलन के मुताबिक पीने के पानी में बैक्टीरियल प्रदूषण के कारण संक्रमण का व्यापक प्रकोप हुआ। सिराज/ईएमएस 23जनवरी26