वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका और चीन के रिश्तों में फिर नरमी के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह अप्रैल में चीन की यात्रा करने वाले हैं, जबकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग साल के अंत में अमेरिका आएंगे। यह जानकारी ट्रंप ने दावोस की दो दिवसीय यात्रा के बाद एयर फोर्स वन में कही। यह बयान दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर की कूटनीति के फिर से सक्रिय होने की ओर इशारा करता है। ट्रंप ने कहा, “हम एक यात्रा करने जा रहे हैं। मैं अप्रैल में चीन जा रहा हूं। उन्होंने बताया कि 2026 में दोनों नेता दो बार मुलाकात करने वाले और उसी साल जिनपिंग की अमेरिका यात्रा भी प्रस्तावित है। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में चीन की पहली यात्रा होगी और व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग की भी पहली मेजबानी मानी जा रही है। अपने बयान में ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौर में दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव आया था, लेकिन अब हालात बेहतर हैं। ट्रंप के अनुसार, “कोविड के समय रिश्ता बहुत तनावपूर्ण था, लेकिन अब यह बेहतरीन है। व्यापार को ट्रंप ने अमेरिका-चीन रिश्तों में सुधार का सबसे बड़ा संकेत बताया। उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद, खासकर सोयाबीन, खरीद रहा है। इससे अमेरिकी किसानों को फायदा हुआ है और भरोसे की बहाली के संकेत मिले हैं। ट्रंप ने कहा कि इस खरीद से किसान खुश हैं और वह खुद भी संतुष्ट हैं। हालांकि पिछले साल व्यापार, तकनीक और सुरक्षा मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था, लेकिन इसके बावजूद आर्थिक सहयोग जारी रहा है। कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में चीन अब भी अमेरिका का एक बड़ा बाजार बना हुआ है। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी माना है कि रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर स्थिरता बनी हुई है। ऐसे में आने वाली यात्राएं अमेरिका-चीन संबंधों को नई दिशा दे सकती हैं। आशीष दुबे / 23 जनवरी 2026