क्षेत्रीय
24-Jan-2026
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- कहा संशोधन याचिका द्वारा मामले पर फिर बहस करने की कोशिश कर रहे हो इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विनोद कुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की युगलपीठ ने जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा दायर संशोधन याचिका पर सुनवाई करते एनएचएआई को फटकार लगाते कहा कि एनएचएआई के संशोधन आवेदन को देखने पर हम पाते हैं कि एनएचएआई किसी भी संशोधन या टाइपिंग की गलती को ठीक करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि मामले पर फिर बहस करने की कोशिश कर रहा है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-3 पर शिवपुरी-देवास खंड के चौड़ीकरण के लिए देवास जिले के ग्राम बिलावली स्थित भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की प्राधिकरण द्वारा गई थी। इसमें याचिकाकर्ताओं को भूमि के लिए पारित पुरस्कार में अतिरिक्त मुआवजा, सोलैटियम और ब्याज नहीं जोड़ा गया था। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अतिरिक्त मुआवजा, 30 प्रतिशत सोलैटियम तथा ब्याज छह सप्ताह में देने के निर्देश दिए थे। एनएचएआइ ने इस आदेश पर ही संशोधन याचिका दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट ने सुनवाई उपरांत यह कहते निरस्त कर दिया कि नियमों के अनुसार, किसी मामले में कोर्ट ने ही निपटारा कर दिया है तो उसमें संशोधन के लिए आवेदन केवल क्लेरिकल गलती के संबंध में ही स्वीकार्य है। आनंद पुरोहित/ 24 जनवरी 2026