सादगी की मिसाल थे जननायक, राजनीति में लालू यादव को बढ़ाया आगे पटना,(ईएमएस)। बिहार के दो बार मुख्यमंत्री बने कर्पूरी ठाकुर वह पटना की सड़कों पर मैला कुर्ता और हवाई चप्पल पहने रिक्शे की सवारी करते नजर आ जाते थे। उनके पास अपनी कोई गाड़ी नहीं थी। उनके पास पटना में कोई जमीन भी नहीं थी। बिहार सरकार ने 70 के दशक में पटना में विधायकों और पूर्व विधायकों को निजी आवास के लिए सस्ती दर पर जमीन देने का फैसला लिया था। कर्पूरी ठाकुर ने भी अपने दल के नेताओं से कहा कि वे भी जमीन ले लें, लेकिन उन्होंने जमीन नहीं ली थी। यह वह दौर था जब कर्पूरी ठाकुर के शिष्य के रूप में लालू प्रसाद राजनीति की सीढ़ियां चढ़ रहे थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कर्पूरी ठाकुर भी लालू प्रसाद के प्रति बहुत स्नेह रखते थे और उनकी बड़ी मदद करते थे। राजनीति में भी उन्होंने लालू प्रसाद को काफी आगे बढ़ाया। लालू प्रसाद भी कर्पूरी ठाकुर का काफी सम्मान करते थे। पहली बार ही सांसद बनने पर लालू प्रसाद विल्स की एक सेकेंड हैंड जीप खरीद ली, वो उसी से चला करते थे। लालू यादव राजनीति में अपनी पहचान बनाने में लगे थे। शिवानंद तिवारी लिखते हैं कि लालू प्रसाद बिहार में राम लखन सिंह यादव की जगह लेना चाहते थे। इसको लेकर वे अपनी तैयारी भी कर रहे थे। इसी दौरान एक ऐसा मौका आया जब कर्पूरी ठाकुर को लालू की जरूरत पड़ गई। उस समय कर्पूरी ठाकुर की तबीयत ठीक नहीं थी और उनको बिहार विधानसभा जाना था। कर्पूरी ठाकुर तब सदन में विपक्ष के नेता हुआ करते थे। बता दें अस्वस्थ होने की वजह से वह रिक्शे से सदन जाने से परहेज कर रहे थे। उनके पास कोई गाड़ी नहीं थी। इसलिए उन्होंने लालू प्रसाद के पास संदेश भिजवाया कि वह अपनी जीप में उन्हें विधानसभा छोड़ दें। एक वरिष्ठ पत्रकार अपनी किताब में इसकी चर्चा करते हुए लिखा है कि कलफदार कुर्ते और महंगे सैंडिल के शौकीन लालू यादव ने संदेशवाहक को टका सा जवाब देते हुए कहा था कि “मेरी जीप में तेल नहीं है।” किताब में आगे लिखा गया है कि बिहार सरकार ने 70 के दशक में पटना में विधायकों और पूर्व विधायकों को निजी आवास के लिए सस्ती दर पर जमीन देने का फैसला लिया। कर्पूरी ठाकुर ने अपने दल के सभी नेताओं को जमीन दिलवा दिया, लेकिन उन्होंने खुद जमीन नहीं ली। जब उनसे कहा गया कि आप भी जमीन ले लें, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। कहा जाता है कि कर्पूरी के एक करीबी ने जब उनसे कहा कि ले लीजिये। आप नहीं रहेंगे तो आपके बाल-बच्चा सब कहां रहेगा? कर्पूरी ठाकुर ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि कुछ नहीं करेगा तो गांव में रहेगा…। सिराज/ईएमएस 24जनवरी26 -----------------------------------