चेन्नई,(ईएमएस)। तमिलनाडु में रविवार को भाषा शहीद दिवस श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हिंदी विरोधी आंदोलनों के दौरान जान गंवाने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दोहराया कि राज्य में हिंदी थोपने का हमेशा विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा और उसकी गरिमा के लिए संघर्ष कभी कमजोर नहीं पड़ेगा। भाषा शहीद दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री स्टालिन काले कपड़े पहनकर चेन्नई के मूलाकोथलम स्थित थलामुथु–नटरासन स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने हिंदी थोपे जाने के विरोध में शहीद हुए थलामुथु और नटरासन की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। ये दोनों युवा हिंदी विरोधी आंदोलनों के दौरान शहीद हुए थे और तमिल भाषा संघर्ष के प्रतीक माने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान “भाषा संघर्ष के शहीदों को सलाम” का नारा दिया, जो तमिलनाडु की भाषाई अस्मिता और संघीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु ने हिंदी विरोधी आंदोलनों के जरिए भारतीय उपमहाद्वीप में विभिन्न भाषा-आधारित समुदायों के अधिकारों और पहचान की रक्षा की है। उन्होंने कहा, मैं उन शहीदों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूं, जिन्होंने तमिल भाषा के लिए अपनी जान दे दी। हमारी कामना है कि अब भाषा संघर्ष में और कोई जान न जाए, लेकिन हमारी तमिल चेतना कभी खत्म नहीं होगी और हिंदी थोपने का विरोध हमेशा जारी रहेगा। श्रद्धांजलि समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, मंत्री पी.के. सेकर बाबू, एमपी सामिनाथन और चेन्नई की मेयर आर. प्रिया भी मौजूद रहीं। वरिष्ठ अधिकारी, डीएमके नेता और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थित रहे। हिदायत/ईएमएस 25जनवरी26