इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने क्रिश्चियन कॉलेज जमीन मामले में कलेक्टर के 12 जनवरी 2025 को जारीआदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई दौरान याचिकाकर्ता के एड्वोकेट अजय बागड़ियां के तर्कों से सहमत होकर अगली सुनवाई तक कलेक्टर के 12 जनवरी 2025 को जारी आदेश को स्थगित कर दिया है। सीनियर एडवोकेट अजय बागड़िया के अनुसार कॉलेज में 2500 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन भूमि स्वामी नहीं है, इसके बावजूद कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित किया था इस मु्द्दे को कलेक्टर के समक्ष भी उठाया गया था, किंतु उसे खारिज कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कॉलेज मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 181 और 182 के तहत भूमिस्वामी नहीं है। इसके बावजूद कलेक्टर ने कार्रवाई कर आदेश जारी कर दिया जो कानूनन गलत है। हाई कोर्ट के संज्ञान में याचिकाकर्ता द्वारा यह तथ्य भी लाया गया कि कलेक्टर के समक्ष मामला 23 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश के लिए सूचीबद्ध था लेकिन उससे पहले ही उन्होंने 12 जनवरी 2026 को आदेश पारित कर दिया गया। वहीं मामले में एक अंतरिम आदेश के विरुद्ध अतिरिक्त आयुक्त के समक्ष अपील दायर की गई थी, जिसमें 19 जनवरी 2026 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित हुआ था। सुनवाई दौरान शासन की ओर से यह कहते हुए याचिका का विरोध किया गया कि याचिकाकर्ता के पास अपील का अधिकार सुरक्षित है। मामले में तथ्यात्मक विवाद हैं, जिनका निराकरण अपीलीय प्राधिकरण बेहतर ढंग से कर सकता है। जिस पर कोर्ट ने कहा कि याचिका का मुद्दा याचिकाकर्ता भूमिस्वामी है या नहीं यह है। इस पर कोर्ट ने शासन को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा और अगली सुनवाई तक कलेक्टर द्वारा पारित 12 जनवरी 2025 के आदेश के क्रियान्वयन को स्थगित रखने का आदेश पारित किया। आनंद पुरोहित/ 29 जनवरी 2026