:: ओडीओपी के जरिए अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनेगा कड़कनाथ; आजीविका मिशन की दीदियों को भी जोड़ने के निर्देश :: झाबुआ/इंदौर (ईएमएस)। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत झाबुआ की वैश्विक पहचान बन चुके कड़कनाथ को अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की तैयारी है। इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और कलेक्टर नेहा मीणा ने गुरुवार को झाबुआ स्थित शासकीय कड़कनाथ कुक्कुट फार्म का सघन निरीक्षण किया। सम्भागायुक्त ने स्पष्ट किया कि कड़कनाथ न केवल झाबुआ की विशिष्ट पहचान है, बल्कि यह जिले की आर्थिक उन्नति का सबसे सशक्त माध्यम भी है। निरीक्षण के दौरान डॉ. खाड़े ने अंडा हेचरी, चूजों के बाड़े और मुर्गों के बाड़े का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने हेचरी मशीनों की कार्यप्रणाली, तापमान नियंत्रण और चूजों के स्वास्थ्य प्रबंधन की तकनीकी जानकारी ली। सम्भागायुक्त ने अधिकारियों से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भविष्य में इसकी मांग को देखते हुए पुख्ता विपणन (मार्केटिंग) रणनीति तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की। :: महिलाओं के लिए बनेगा सफल आजीविका मॉडल :: डॉ. खाड़े ने निर्देश दिए कि कड़कनाथ पालन के इस प्रोजेक्ट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि दीदियों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग देकर इसे एक सफल आजीविका मॉडल के रूप में विकसित करें, ताकि उनके आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त हो सके। :: ब्रांडिंग और मूल्य संवर्धन पर जोर :: सम्भागायुक्त ने कड़कनाथ की ब्रांडिंग और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक संपूर्ण चेन को मजबूत करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ जितेन्द्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी और उप संचालक पशुपालन डॉ. ए.एस. दिवाकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रकाश/29 जनवरी 2026