अहमदाबाद (ईएमएस)| औद्योगिक नमक के परिवहन को अधिक कुशल और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय रेलवे और इंडियन सॉल्ट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईसएएमए), गुजरात के बीच अहमदाबाद में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपयोग और निर्यात दोनों के लिए नमक की ढुलाई हेतु बेहतर और तकनीकी रूप से उन्नत डिजाइन समाधान खोजना था। रेलवे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) के कार्यकारी निदेशक (वैगन), अजीत सिंह ने किया। उनके साथ अहमदाबाद मंडल (पश्चिम रेलवे) के वरिष्ठ अधिकारी भी इस चर्चा में शामिल हुए। नमक उद्योग का प्रतिनिधित्व भरत रावल और इस्मा (आईएसएमए) के अन्य वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जहाँ रेलवे और उद्योग जगत ने लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों को हल करने के लिए आपसी सहयोग पर जोर दिया। अजीत सिंह और उनकी टीम ने नमक उद्योग की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझा। चर्चा का मुख्य केंद्र ऐसे रेलवे वैगनों का डिजाइन तैयार करना था, जिससे नमक की लोडिंग-अनलोडिंग आसान हो सके और रेल द्वारा नमक परिवहन को अधिक कुशल बनाया जा सके। इस पहल का उद्देश्य केवल घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि गुजरात से होने वाले नमक के निर्यात को और बढ़ाना भी है। इस्मा ने रेलवे के इस सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की और इसे नमक उद्योग के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह बैठक भारतीय रेलवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वह उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करते हुए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रही है। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी इस तरह के सहयोगात्मक प्रयासों को जारी रखने पर सहमति जताई। सतीश/29 जनवरी