ज़रा हटके
30-Jan-2026
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लंदन (ईएमएस)। दुनिया के एक कोने से ऐसी विस्मयकारी घटना सामने आई है जिसने न केवल आम जनता, बल्कि वैज्ञानिक जगत को भी हैरान कर दिया है। दक्षिण वेल्स में खेल-खेल में एक 9 साल की बच्ची के हाथ एक ऐसा पत्थर लगा है, जो असल में ब्रह्मांड का एक प्राचीन और बेशकीमती हिस्सा है। जिस पत्थर को बच्ची खिलौना समझकर खेल रही थी, वह वास्तव में हमारी धरती की उम्र के बराबर पुराना एक दुर्लभ उल्कापिंड निकला है। यह घटना साउथ वेल्स के पेनार्थ बीच की है, जहाँ 9 साल की आरियाना चर्च अपने परिवार के साथ घूमने आई थी। आरियाना को अक्सर समुद्र किनारे से पुराने जीवाश्म और रंगीन कांच के टुकड़े इकट्ठा करने का शौक है। इसी तलाश के दौरान उसे रेत में दबा हुआ एक अजीबोगरीब पत्थर मिला। यह पत्थर आकार में टेनिस बॉल के बराबर था, लेकिन सामान्य पत्थरों के मुकाबले काफी भारी और बनावट में धातु जैसा दिखाई दे रहा था। आरियाना ने इसे अपने संग्रह में शामिल कर लिया और घर ले आई। आरियाना के माता-पिता की नजर जब इस पत्थर पर पड़ी, तो उन्हें इसकी बनावट कुछ असामान्य लगी। जिज्ञासावश उन्होंने स्मार्टफोन के गूगल लेंस फीचर का उपयोग कर इसकी तस्वीर सर्च की। इंटरनेट पर मिले परिणामों ने उन्हें स्तब्ध कर दिया। शुरुआती वैज्ञानिक जांच और तुलनात्मक अध्ययन के बाद यह पता चला कि यह पत्थर करीब 4.5 अरब साल पुराना है। उल्लेखनीय है कि हमारी पृथ्वी की अनुमानित उम्र भी लगभग 4.54 अरब साल मानी जाती है। इसका अर्थ यह है कि यह पत्थर उस सुदूर अतीत का गवाह है जब सौर मंडल का निर्माण हो रहा था और ग्रह अपना आकार ले रहे थे। वैज्ञानिकों ने इस पत्थर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर पाया कि इसकी सतह पर ‘रेग्माग्लिप्ट्स’ यानी छोटे-छोटे गड्ढों के निशान हैं। ये निशान तभी बनते हैं जब कोई अंतरिक्षीय चट्टान प्रचंड गति और भीषण गर्मी झेलते हुए पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उल्कापिंड कोई साधारण पत्थर नहीं, बल्कि एक ‘टाइम कैप्सूल’ है। इसके अध्ययन से सौर मंडल के शुरुआती दिनों की स्थितियों और पृथ्वी के बनने से पहले अंतरिक्ष में मौजूद तत्वों की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। अरबों साल के सफर के बाद भी यह टुकड़ा सुरक्षित है और अपने भीतर ब्रह्मांड के निर्माण के अनसुलझे रहस्यों को समेटे हुए है। वर्तमान में इसे गहन वैज्ञानिक शोध के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। वीरेंद्र/ईएमएस 30 जनवरी 2026