क्षेत्रीय
03-Feb-2026
...


जांजगीर(ईएमएस)। सक्ती पुलिस ने अवैध नशीली सिरप कारोबार के एक बड़े इंटर-स्टेट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि प्रतिबंधित कोडीन युक्त ऑनरेक्स कफ सिरप का निर्माण हिमाचल प्रदेश की फार्मास्युटिकल फैक्ट्रियों में वैध मेडिकल उपयोग के नाम पर किया जा रहा था, जिसे ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ में नशे के लिए खपाया जा रहा था। सक्ती पुलिस ने 94 शीशी नशीली सिरप (करीब 9 लीटर 400 मिली), एक कार और एक बाइक जब्त की है। पुलिस को इस गिरोह की जानकारी मुखबिर से मिली थी, जिसके बाद एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, एडीशनल एसपी पंकज पटेल और एसडीओपी सक्ती भुवनेश्वरी पैंकरा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि छोटे गुमला, घरघोड़ा निवासी ध्वजा राम कुर्रे और कृष्ण कुमार डडसेना कार से नशीली सिरप लेकर आ रहे हैं, जबकि अड़भार बुंदेली निवासी एसी टेक्नीशियन सिकंदर गबेल (28) और कृष्ण कुमार जांगड़े उनसे सिरप रिसीव करने जा रहे हैं। बताया गया कि आरोपी खरसिया–अड़भार रोड होते हुए पोता और आसपास के इलाकों में नशीली सिरप की सप्लाई करने वाले थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान 94 नग ऑनरेक्स नशीली सिरप बरामद की गई। पुलिस ने आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल और कार क्रमांक CG 13 BF 3626 को जब्त किया। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, जिस कफ सिरप की अधिकतम मेडिकल कीमत करीब 200 रुपये प्रति शीशी है, उसे नशे के आदी युवाओं को 500 रुपये या उससे अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था। एक शीशी का नशा लगभग एक बोतल शराब के बराबर असर करता है। बताया गया कि 10 से 20 मिली मात्रा में सेवन करने से व्यक्ति घंटों तक सुस्त और बेहोश-सी हालत में रहता है, इसी वजह से यह सिरप नशेड़ियों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)03 फरवरी 2026