क्षेत्रीय
03-Feb-2026
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- भवनाओं की अभिव्यक्ति है सृजन जबलपुर (ईएमएस)। मानवीय भावनाओं को कलात्मक रूप से अभिव्यक्त करना सृजन है, ऐसा सृजन जिसमें मूल्यों को महत्व दिया गया है वह सार्थक सृजन होता है।तदाशय के उद्गार हीराधार बड़गइयाँ सिहोरा एवं अशोक मिजाज सागर के काव्य पटल लोकार्पण समारोह में अतिथियों ने व्यक्त किये। समारोह के मुख्य अतिथि राजेंद्र शर्मा वरिष्ठ पत्रकार थे। अध्यक्षता टॉप ग्रेड कलाकार अनवर हुसैन ने की ।विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधीर तिवारी एवं विशिष्ट वक्ता राजेश पाठक प्रवीण थे ।प्रारंभ में सरस्वती वंदना एवं गीत का प्रस्तुतिकरण वंदना सोनी ने किया। वक्ताओं ने श्री बदगइयाँ के गीत संग्रह चलो गांव की ओर पर समीक्षात्मक चर्चा की। संयोजक विजय नेमा ने काव्य पटल के महत्व एवं वर्तिका की यात्रा पर प्रकाश डाला। अतिथि स्वागत दिवाकर शर्मा, महेश स्थापक, राजीव गुप्ता, अखिलेश श्रीवास्तव,दादू भाई, ज्ञानेश्वर द्विवेदी, रमाकांत गौतम ने किया। द्वितीय सोपान में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र लाल साहू निर्विकार, मनोज शुक्ला, निरंजन द्विवेदी, जयप्रकाश श्रीवास्तव, पूर्व जज मीना भट्ट,डॉ. विजय किसलय, सुशील श्रीवास्तव, प्रभा खरे अखिल, कुंजीलाल चक्रवर्ती, सुभाषमणि बैरागी, प्रकाश सिंह ठाकुर, डॉ. शिव कुमार ठाकुर, सुशील जैन, अर्चना द्विवेदी ने काव्य रस वर्ष की।संचालन देवदर्शन एवं आभार प्रतिमा अखिलेश ने व्यक्त किया। सुनील साहू / मोनिका / 03 फरवरी 2026