हाथरस (ईएमएस)। संत शिरोमणि रविदास की जयंती के अवसर पर सोमवार को सासनी में कवियों की शाम संत रविदास के नाम विषय पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दिव्य संत की स्मृति में आयोजित गोष्ठी में एक दर्जन से अधिक कवियों ने अपनी रचनाएँ सुनाकर उनके जीवन दर्शन और समाज में फैलाए संदेश को याद किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती और संत रविदास के छवि चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद पप्पू टेलर द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। उन्होंने ‘सर का बोझ नहीं है बेटी’ कविता के माध्यम से बेटियों के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि जिस घर में बेटी नहीं, वह घर नर्क समान है। कवि अशोक अग्रवाल ने संत रविदास को समर्पित भावपूर्ण कविता सुनाते हुए कहा, “भारती की कोख में जन्में अनेक संत, संतन में एक संत रविदास नाम है।” कवि रामनिवास उपाध्याय ने अपनी रचना में कहा, “पाखंडों से घिर गया जब वैदिक आकाश, उसी समय रवि लोक से प्रगटे थे रविदास।” अशोक मिश्रा ने भक्ति और समर्पण के भावों से ओत-प्रोत पंक्तियाँ सुनाईं। इस अवसर पर शैलेश अवस्थी, वीरपाल सिंह, रवि राज सिंह, एम.पी. सिंह, वीरेंद्र जैन ‘नारद’ समेत अन्य कवियों ने भी संत रविदास के जीवन और दर्शन पर आधारित अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में मयंक सिंह, धर्मेंद्र सिंह यदुवंशी, आर.के. सिंह सहित शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे। ईएमएस/ नीरज चक्रपाणी/ 03 फरवरी 2026