राज्य
03-Feb-2026


हाथरस (ईएमएस)। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर एसआईआर पर सारे जीएसटी अधिकारियों की ड्यूटी लगा दिए जाने के कारण व्यापारियों के रुटीन जीएसटी कार्य बाधित होने और नगरपालिका द्वारा अतिक्रमण हटाते समय की जाने वाली मनमानी व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। अग्रवाल ने बताया कि एसआईआर कार्य जरूरी है, लेकिन इसके चलते जीएसटी विभाग के सभी अधिकारियों को वहां लगा दिया गया है। इससे व्यापारियों और उद्योगपतियों का रिटर्न दाखिल करना, रिफंड के आवेदन जैसे नियमित कार्य अटके पड़े हैं। नतीजा यह है कि समय सीमा पार होने पर स्वत: पोर्टल पर आर्थिक दंड लग जाता है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक व मानसिक परेशानी तो होती ही है, सरकार की नजर में उनकी फर्म पर संदेह भी होने लगता है। सचल दल द्वारा किसी बिल या माल में गड़बड़ी पाए जाने पर गाड़ी पकड़ी जाती है, लेकिन जुर्माना जमा कराने के लिए भी अधिकारी न मिलने से कई दिन इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि जीएसटी अधिकारियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर लगाई जाए, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का कुछ समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि ज्यादातर व्यापारी शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग करते हैं, लेकिन कुछ दुकानदार अवैध अतिक्रमण कर जनता को परेशान करते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत वीडियोग्राफी कराकर अधिकतम जुर्माना लगाने का निर्देश दें, लेकिन अवैध तरीके से तोड़फोड़ और सामान जब्ती न हो। उन्होंने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब्त किए गए सामान का कोई लिखित रिकॉर्ड दुकानदार को नहीं दिया जाता और न ही नगरपालिका के मालखाने में उसका ठीक से ब्योरा जमा होता है। उनका आरोप है कि यह सामान नगरपालिका के अधिकारी व कर्मचारी अपने घर ले जाते हैं या कबाड़ी को बेच देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर चाहें तो जिलाधिकारी इसकी जांच करा सकते हैं। इस मांग पत्र पर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अलावा कन्हैयालाल शर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, सुनील अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, शैलेंद्र शर्मा और बॉबी गुरु जैसे प्रमुख व्यापारिक नेता शामिल हैं। ईएमएस/ नीरज चक्रपाणी/ 03 फरवरी 2026