हाथरस (ईएमएस)। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बना सिकंदराराऊ का ट्रॉमा सेंटर नौ साल से सुविधाओं के अभाव में बंद पड़ा है। इस सरकारी उपेक्षा के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सिकंदराराऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया। उनका आरोप है कि यह केंद्र बनकर तैयार है, लेकिन डॉक्टरों और संसाधनों के अभाव में यह सफेद हाथी बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर होने वाले सड़क हादसों के बाद भी घायलों को तत्काल इलाज नहीं मिल पाता। उन्हें दूर अलीगढ़ या हाथरस के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे कीमती समय बर्बाद होता है और मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है। धरना में शामिल नेताओं का कहना है कि केंद्र में तुरंत डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाए और आधुनिक उपकरण लगाए जाएं, ताकि हादसे के शिकार लोगों को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक केंद्र शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इस धरना प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के साधु सिंह, उपाध्यक्ष अनार सिंह, सत्यप्रकाश, राजेश, मुकेश, रामदास, नेत्रपाल, कृपाल सिंह, जगदीश, मोहरपाल, प्रमोद कुमार, मलिखान सिंह, देवेंद्र कुमार, वीरेंद्र सिंह, चंद्रवीर सिंह और श्योराज सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। ईएमएस/ नीरज चक्रपाणी/ 03 फरवरी 2026