राज्य
03-Feb-2026
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:: सनावदिया में मारुति नंदन संस्थान का अनूठा प्रयोग; घट्टी पीसने से लेकर छाछ बनाने तक का लिया लुत्फ :: इंदौर (ईएमएस)। आधुनिकता की चकाचौंध और कंक्रीट के जंगलों में सिमटती शहरी जीवनशैली के बीच इंदौर के परिवारों ने एक दिन जड़ों की ओर लौटकर अपनी संस्कृति को जिया। मारुति नंदन बालाजी सेवा संस्थान एवं अग्रवाल वैश्य कपल संघ के तत्वावधान में सनावदिया स्थित नर्मदा-क्षिप्रा संगम तट पर बसे ग्राम उज्जैनी की गौशाला में एक प्रेरक आयोजन संपन्न हुआ। यहाँ शहरी परिवारों ने न केवल गौ-सेवा के संकल्प को दोहराया, बल्कि शुद्ध ग्रामीण परिवेश और सात्विक जीवन शैली का जीवंत अनुभव भी प्राप्त किया। :: गौ-सेवा ही सुख-समृद्धि का आधार :: संस्थान के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी रामबाबू अग्रवाल ने इस अवसर पर सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-सेवा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। शास्त्रों के अनुसार गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, अतः इनकी प्रसन्नता से घर-परिवार में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। गौशाला संस्थान के रामदास अग्रवाल, विनोद अग्रवाल और दिनेश गोयल ने भी ग्रामीण अंचल की शुद्ध वायु और जैविक जीवन के लाभों पर प्रकाश डाला। :: मथानी की गूंज और बैलगाड़ी की सैर :: इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः पारंपरिक स्वरूप रहा। जहाँ शहरी पुरुषों ने बैलगाड़ी की सैर कर अपने बचपन की यादें ताज़ा कीं, वहीं मातृशक्ति ने रसोई के आधुनिक उपकरणों को छोड़ पारंपरिक घट्टी पर अनाज पीसा और मथानी से छाछ तैयार की। सदस्यों ने माना कि मशीनी युग के इस दौर में हाथों से किए जाने वाले इन कार्यों से मिलने वाला आनंद और प्राकृतिक व्यायाम अद्भुत है। शुद्ध देशी खान-पान और खुले आसमान के नीचे बिताए इन पलों ने सभी को नई ऊर्जा से भर दिया। :: सांस्कृतिक संरक्षण का लिया संकल्प :: कार्यक्रम में श्रीमती लक्ष्मीबाई अग्रवाल, उमा अग्रवाल, निशा अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, संगीता नीमा और करुणा गुप्ता सहित उपस्थित महिलाओं ने ग्रामीण वेशभूषा धारण कर उत्सव जैसा माहौल निर्मित किया। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे अपनी नई पीढ़ी को भी इस प्राचीन और समृद्ध ग्रामीण संस्कृति से परिचित कराएंगे। सदस्यों का कहना था कि ग्रामीण अंचल की निर्मल हवा और सादगीपूर्ण जीवन शैली तनावमुक्त रहने का सबसे सशक्त माध्यम है। प्रकाश/03 फरवरी 2026